बैकुंठपुर शहर में पीलिया की दस्तक, अप्रैल में बैकुंठपुर में 13 पिडित
बैकुंठपुर
बैकुंठपुर शहर में पीलिया ने दस्तक दे दी है। शहर के विभिन्न वार्डो से अब तक सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान एक दर्जन जिला अस्पताल बैकुंठपुर पहुंच चुके हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए कोरिया जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने शहर के सभी वार्डों में हिपेटाइटिस बी का विशेष सर्वे अभियान शुरू करने की बात कही है। जहा स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर सर्वे करेगें।
जबकि जिला अस्पताल बैकुंठपुर के सीएस डॉ. आयुश जायसवाल ने बताया कि खुटनपारा, प्रेमाबाग और गढ़ेलपारा सहित कई वार्डों मरिज अस्पताल में इलाज के लिए आये हैं पूरे अप्रैल महिने में जिला अस्पताल में मिलिया के 15 पिडितो का इलाज किया गया जिसमें 13 बैकुंठपुर के हैं। पिलिया से संक्रमितो में 05 बच्चे, 06 पुरुष 04 महिला शामिल हैं।

झाड़-फूंक करने वालों से रहें दूर
बैकुंठपुर जिला अस्पताल के अधिक्षक डॉ. आयुश जायसवाल ने लोगो से अपील करते हुए कहा कि पीलिया ग्रसित होने पर लापरवाही न करें। इसका उपचार पीलिया के कारण पर निर्भर करता है। तुरंत चिकित्सक से परामर्श करें जिससे रोग के कारण जानकर बेहतर उपचार हो सके। पीलिया ग्रसित मरीज को कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बगैर नहीं लेनी चाहिए क्योंकि अनेक दवाएं लीवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। रोग को जटिल और गंभीर बना सकती हैं। कुछ प्रकार का पीलिया जैसे वायरस हिपेटाइटिस अपने आप ठीक हो जाता है। इसका लाभ झाड़-फूंक करने वाले उठाते हैं।

ऐसे करें बचाव
-वायरस हिपेटाइटिस से बचाव के लिए भोजन और पानी की स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखें।
- असंक्रमित इंजेक्शन व औजार का प्रयोग करें
- रक्त चढ़वाने की जरूरत होने पर हिपेटाइटिस का जांचा गया रक्त ही चढ़ाया जाए
- हिपेटाइटिस ए और बी का टीका लगवा लेने से इस रोग से बचाव संभव है।

इन बातों पर भी दें ध्यान
बताया गया कि साधारणतया पीलिया ग्रसित मरीजों को श्रम से बचना चाहिए। पूर्ण रूप से आराम करना चाहिए। लीवर शरीर की रसायनिक प्रयोगशाला है इसलिए लीवर रोगों से ग्रस्त मरीजों को भोजन में भी विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। संतुलित भोजन का सेवन करें पर वसा की मात्रा कम होनी चाहिए। दवाइयों का सेवन मनमर्जी से कतई न करें। मदिरा लीवर के मरीजों के लिए जहर है।

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