औषधीय गुणों से भरपूर है जम्बू फल….बाजार में
बैकुंठपुर।
शहर के बाजारों में इन दिनों जामुन की बिक्री जमकर हो रही है आदीवासी अंचल के लोग इसे जंगलों से तोड़ कर शहर में बेचने के लिए आ रहे है इस फल को खाने के कई शारीरिक फायदे है इसलिए इसकी मांग भी अधिक है। लेकिन खास बात यह है की यह फल गर्मियों में केवल कुछ दिनो के लिए ही बाजार में आता है।
बारिश शुरू होने के साथ ही स्वादिष्ट जामुन गांवों से बाजार में पहुंचने शुरू हो गये है जामुन का सीजन डेढ़ माह तक रहता है जो अब कुछ दिन ही रह गये हैं। ज्यादा बारिश होने पर पेड़ से जामुन के फल झड़ जा रहे है जामुन तोड़ने व चुनने के लिए गर्मी की छुट्टी के इन दिनों बच्चों को जामुन के पेड़ के नीचे हमेशा देखा जा रहा है। ग्रामीण भी जामुन को जंगल से लाकर बाजारों में बेच रहे हैं।
जामुन में है औषधीय गुण
वैद्य अरुण शुक्ला के अनुसार जामुन में औषधीय गुण पाया जाता है जामुन का फल, बीज के साथ इसका पत्ता भी काफी उपयोगी है। पेड़ के डंठल से दातुन भी करते हैं। जामुन का फल शुगर बीमारी को नियंत्रित करता है। जामुन को शरीर के लिए बेहद लाभकारी बताया गया है। मगर इसका बीज उससे भी ज्यादा लाभदायक है। इसके लिए आप पके हुए जामुन खाने के बाद उसके बीज को इकट्ठा कर लें। इसके बाद दो तीन दिन तक इसे धूप में अच्छी तरह सुखा लें। इसे पीसकर पाउडर बना लें। इसका इस्तेमाल आप साल भर कर सकते है ये डायबिटीज और मधुमेह जैसे रोग के लिए रामबाण इलाज है।

भारत की पुरानी पहचान जम्बू द्वीप इस फल से
भारत को जम्बू द्वीप के नाम से भी जाना जाता है और यह नाम जामुन के वजह से है। आश्चर्य की बात तो है कि किसी फल के वजह से किसी देश का नामकरण किया गया ! दरअसल जामुन के कई नाम है और उन्हीं में से एक नाम है जम्बू । भारत में जामुन की बहुतायत रही है । हमारे देश में इसकी पेड़ों की संख्या लाखों-करोड़ों में है और शायद इसी कारण से यह फल हमारे देश का पहचान बन गया।
भारतीय माइथोलॉजी के दो प्रमुख केंद्र रामायण और महाभारत में भी यह विशेष पात्र रहा है। माना जाता है कि भगवान राम ने अपने 14 वर्ष के वनवास में मुख्य रूप से जामुन का ही सेवन किया था वहीं श्री कृष्णा के शरीर के रंग को ही जामुनी कहा गया है। संस्कृत के श्लोकों में अक्सर इस नाम का उच्चारण आता है।

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