रहे सावधान…….जमदुवारी बनी हादसो की घाटी…..भगवान भरोसे हो रहा सफर

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बैकुंठपुर।

कोरिया जिला मुख्यालय से 15 किलो मीटर दूर एनएच 43 पर बैकुंठपुर-मनेन्द्रगढ मार्ग पर पहाडपारा से उजियारपुर रेलवे पुल तक पहाडी से लगातार पेड गिर रहे हैं । बीते तीन दिनो में पहाडी से 4 पेड एनएच पर गिर चुके हैं जिस कारण दिन और रात में लगभग 8 घण्टे तक सडक जाम रह चुका है। वही पर इस पहाडी जमदुआरी घाट में लगभग सैकडो पेड ऐसे हैं जो कभी भी गिर सकते हैं। इस दौरान बीते 2 सप्ताह में बीती रात एक विशाल पेड शाम 6 बजे के आसपास गिरने के कारण 2 घटे यातायात प्रभावित रहा। वही पर एक पेड रात 10 बजे भी गिर गया। जिसको हटाने में वन अमला को देर रात 02 बजे गया। लगातार बीते वर्षो पूर्व जब एनएच का निर्माण कराया जा रहा था तब भी हमारे द्धारा खतरनाक पहाडी को लेकर कई बार सवाल उठाया गया था यदि उस समय प्रशासन ने ठेकेदार से पहाड को स्खलन से रोकने के लिए जरुरी कदम उठाये होते तो आज यह दिन नही देखना पडता। दिन भर हवा भरती वाहनो में न जाने कौन कब इसका शिकार हो जाये।

स्खलित होकर गिर रहे पेड और चटटान

इन पेड़ों को काटने के लिए कोई भी प्रपोजल अभी तक संबंधित विभागों द्वारा नहीं बनाई जा रही है। यह पेड़ लगातार सड़क पर आने-जाने वालों के लिए हादसों को लेकर खतरा बने हुए हैं। इन पेड़ों को काटने के लिए अभी कुछ भी नहीं किया जा रहा है। हवा, बारिश के समय ये पेड़ और भी खतरनाक हो चुकेे हैं। ऐसे पेड़ विद्युत लाइनों पर गिरने के कारण कई बार विद्युत सप्लाई को ठप करने में परेशानियां खड़ी कर चुके हैं। ऐसे पेड़ों की नजर अंदाजी लोगों पर भारी पड़ सकती है। अधिकतर पेड़ जंगल के बीच से गुजर रही सड़कों पर ही हैं। दूसरी ओर भूस्खलन में पत्थर के बडे बडे चटटान भी गिर रहे हैं जो राहगीरो के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।

प्रतिदिन हो रहा यातायात बाधित

मंगलवार और बुद्धवार की दरमयानी की रात बारिश तेज हवाओं के साथ लगातार हो रहे मूसलधार बारिश हुई। जिस कारण हाइवे पर दो पेड़ गिर जाने की वजह से करीब 08 घंटे इस सड़क पर आवागमन बाधित रहा। मंगलवार को शाम 07 बजे में फिर एक पेड सडक पर गिरने के बाद जैसे ही वन विभाग ने इस पेड को काट कर सडक से किनारे किया उसके बाद फिर से रात 09 बजे के आसपास एक और विशाल पेड भरभराकर सडक कर गिर गया। जब तक पेड़ काटकर सड़क से नहीं हटाया जा सका था। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। हालांकि बुद्धवार को वन विभाग की टिम के द्धारा जमदुआरी घाट पर कुछ संभावित जानलेवा पेडो की छटाई करावाया है।

विदा लेता मानसून बरपा रहा कहर

बीते सप्ताह में मौसम का मिजाज यहीं बना हुआ है। जिले में कहीं ना कहीं तेज के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है। जिससे बिजली विभाग को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। बड़े नुकसान की वजह मानसून मेंटनेंस का काम नहीं होना है। मानसून मेंटनेंस का काम शुरू होने से पहले हो द्रोणिका का अच्छा-खासा असर दिख रहा है। इस समय जिले में विदा लेती मानसून की बारिश अपना कहर बरपा रही है।

उॅची वाल बनाने की रखेंगे मांग-विधायक

बैकुंठपुर विधायक भईयालाल राजवाड़े ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर इस तरीके की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़क पर गिरते पेड एवं चट्टानों से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए इस बात का इंतजार नहीं किया जाएगा कि जब कोई हादसा हो तब कदम उठाया जाएगा । उन्होंने कहा कि उनके द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को पत्र लिखकर जामदुआरी घाट के पहाड़ी को धड़कने से बचने के लिए उची वाल निर्माण को कहा जाएगा । इसके लिए वह सडक परिवाहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भी पत्र लिख यह मांग रखेंगे। उन्हाने कहा कि मैंने जिला प्रशासन को निर्देशित कर दिया है कि अभी वर्तमान में सडक पर यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने और लोगो की जानोमाल की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाये जाये।

मुस्तैद है वनअमला-एसडीओ

बैकुंठपुर वनमंडल के उपवनमंडलाधिकारी अखिलेश मिश्रा ने कहा कि विभाग लगातार मशक्कत कर रहा है। गिरते पेड़ों को काटकर सड़कों को खाली करने का कार्य विगत तीन दिनों से किया जा रहा है। जैसे भी ही हमारे पास सूचना मिलती है वन अमला पूरी मुस्तादी के साथ पेड़ों की कटाई कर सड़कों से मालवा साफ करने का कार्य कर रहा है।

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