टोकन अनियमितता, गिरदावली में रकबा कटौती, कम भुगतान व धीमी खरीदी के विरोध में उतरी कांग्रेस
बैकुंठपुर।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी केंद्रों में किसानों को हो रही गंभीर समस्याओं के विरोध में आज धान खरीदी केंद्र पटना में जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरना प्रदर्शन में किसानों के हक और अधिकारों की रक्षा तथा धान खरीदी व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ भाजपा सरकार को घेरा। प्रदीप गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में धान खरीदी प्रक्रिया किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। किसानों को टोकन कटवाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समय पर टोकन नहीं मिलने के कारण किसान कई दिनों तक अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं। इस वर्ष गिरदावली में किसानों का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में कम दर्ज किया गया है, जबकि किसानों द्वारा अपनी पूरी भूमि पर खेती की गई है। कई किसानों का 02 से 03 एकड़ तक रकबा कम कर दिया गया है, जिससे वे अपनी पूरी उपज बेचने से वंचित हो रहे हैं। रकबा बढ़वाने के लिए किसान लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
धरने में यह भी आरोप लगाया गया कि शासन द्वारा धान खरीदी केंद्रों में ₹31 प्रति क्विंटल निर्धारित राशि एकमुश्त देने की घोषणा की गई थी, परंतु किसानों को मात्र ₹23.69 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा धान तौल में निर्धारित 40.600 किलोग्राम प्रति बोरी के स्थान पर 41.200 किलोग्राम लिया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी प्रत्येक धान खरीदी केंद्र में जाकर देखा तो पाया गया कि शासन द्वारा प्रति क्विंटल ₹35 हमाली राशि निर्धारित होने के बावजूद कई केंद्रों में किसानों को अपनी जेब से हमाली करानी पड़ रही है। साथ ही, सर्वर डाउन एवं तकनीकी समस्याओं के कारण धान खरीदी की गति बेहद धीमी है, जिससे तय समय सीमा में खरीदी पूरी होने पर संशय बना हुआ है।
धरना प्रदर्शन के पश्चात महामहिम के नाम तहसीलदार पटना को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें धान खरीदी की तिथि 31 जनवरी से बढ़ाकर 15 फरवरी तक करने, गिरदावली सुधार, टोकन व्यवस्था दुरुस्त करने तथा किसानों को पूरा भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की गई। जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला, कोषाध्यक्ष अशोक जायसवाल, भूपेंद्र यादव, गणेश राजवाड़े, कृष्णा राजवाड़े, एवं अनेकों कांग्रेसजन तथा किसान बंधु उपस्थित रहे।

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