समुद्र से विज्ञान तक 29 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्मों से रूबरू हुए कोरिया के छात्र
राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर द्वारा संचालित एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत जिला कोरिया के सेजेस खरवत, सेजेस महलपारा, सेजेस चरचा, माध्यमिक शाला ओड़गी तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिशुनपुर के मिडिल एवं सेकेंडरी स्तर के कुल 100 छात्र-छात्राओं को एकदिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया गया।
कलेक्टर कोरिया चंदन संजय त्रिपाठी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय, जिला खेल अधिकारी एवं सहायक संचालक सरगुजा संभाग जितेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला नोडल अधिकारी धर्मेंद्र सिंह एवं एपीओ बृजराज गिरी के निर्देशन में विद्यार्थियों को सुबह 9 बजे सेजेस खरवत से आवश्यक दिशा-निर्देश एवं शुभकामनाओं के साथ रवाना किया गया।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने एशिया के सबसे बड़े गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क, मनेंद्रगढ़ का भ्रमण किया, जो हसदेव नदी के किनारे लगभग 1 किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां लगभग 29 करोड़ वर्ष पुराने समुद्री जीवों के जीवाश्म, चट्टानों और बोल्डरों में सुरक्षित पाए जाते हैं, जो इस बात के प्रमाण हैं कि यह क्षेत्र प्राचीन काल में समुद्र था। पार्क को राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक का दर्जा प्राप्त है।
पार्क स्थित जुरासिक रॉक गार्डन एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर में विद्यार्थियों को भूगर्भीय इतिहास, जीवाश्म विज्ञान, पृथ्वी की उत्पत्ति एवं पृथ्वी पर जीवन के विकास की जानकारी वैज्ञानिक व दृश्य माध्यमों से दी गई। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने चिरमिरी पोड़ी स्थित जगन्नाथ मंदिर का भी दर्शन किया। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए विज्ञान और इतिहास को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से समझने का रोमांचक, प्रेरणादायक और अत्यंत उपयोगी अवसर सिद्ध हुआ।
इस भ्रमण में मार्गदर्शक शिक्षकों के रूप में कमल डडसेना, ऋषभ शुक्ला, सुरेंद्र राजवाड़े, सुजाता बंसरिया, दीपिका चंद्रा एवं राहुल अग्रवाल उपस्थित रहे। भ्रमण से सकुशल वापसी पर जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय, सहायक संचालक जितेंद्र गुप्ता एवं एपीओ बृजराज गिरी द्वारा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शुभकामनाएं प्रेषित की गईं।

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