कलेक्टर की चेतावनी……किसानों को खाद की न हो समस्या….. अवकाश में भी खुलेगें समिति

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बैकुंठपुर।

कोरिया कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि, सहकारिता, खाद्य एवं विपणन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर खरीफ 2026 के लिए उर्वरक वितरण संबंधी राज्य शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। बैठक में खाद वितरण व्यवस्था, एग्रीस्टेक पंजीयन तथा किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। श्रीमती यादव ने कहा कि शासन की स्पष्ट मंशा है कि किसानों को किसी भी हालत में खाद-बीज के लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, समिति प्रबंधकों तथा मार्कफेड से जुड़े अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि खाद वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि किसी प्रकार की सिफारिश या दबाव की आवश्यकता नहीं है, सभी अधिकारी शासन के नियमों के अनुसार कार्य करें।

पिछले वर्ष के आधार पर होगा उर्वरक वितरण

कलेक्टर श्रीमती यादव ने अधिकारियों से कड़े शब्दों में कहा कि वित्तीय गड़बड़ी, गबन या नियमों के विपरीत काम करने वाले सम्हल व सुधर जाएं होगी बड़ी कार्यवाही। कलेक्टर ने बताया कि खरीफ 2025 में किसानों को वितरित उर्वरक के आधार पर इस वर्ष यूरिया की 80 प्रतिशत तथा डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा का वितरण किया जाएगा। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा पारंपरिक यूरिया उपलब्ध होने पर दी जाएगी, अन्यथा नैनो यूरिया के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा वैकल्पिक एनपीके उर्वरक अथवा नैनो डीएपी के माध्यम से दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और यह पूरी तरह वैकल्पिक रहेगा। कलेक्टर ने बताया कि जिले में खरीफ सीजन के लिए रासायनिक खाद का वितरण शुरू हो गया है। किसानों को उनके पंजीकृत रकबे के अनुसार ही खाद दी जाएगी और उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए पॉस मशीन से वितरण अनिवार्य किया गया है।

अवकाश दिवस में भी खुलेगा सहकारी समिति

बैठक में किसानों की भूमि धारिता के अनुसार खाद वितरण की व्यवस्था तय की गई। सीमांत कृषकों (2.5 एकड़ तक) को खाद एकमुश्त दी जाएगी। लघु कृषकों (2.5 से 5 एकड़) को यूरिया दो किश्तों में तथा बड़े कृषकों (5 एकड़ से अधिक) को तीन किश्तों में दिया जाएगा। प्रत्येक किश्त के बीच 20 दिनों का अंतर रहेगा। कलेक्टर ने जिले के किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए समिति प्रबन्धको को साख सहकारी समिति खोलने के निर्देश दिये हैं ताकि किसानों को खाद समय पर मिल सके।

गोदाम व्यवस्था और रिकॉर्ड संधारण दुरुस्त रखें

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद भंडारण और वितरण का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखा जाए तथा वितरण की जानकारी नियमित रूप से साझा की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनभिज्ञता होने पर वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाए। कलेक्टर ने जिला मार्कफेड अधिकारी से कहा कि जिन समितियों से धान उठाव बचे हैं, उसमें तेजी लाएं। उन्होंने डीएमओ से कहा परिवहन में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो इस पर विशेष ध्यान रखें।

एग्रीस्टेक पंजीयन समय पर पूरा करने के निर्देश

कलेक्टर श्रीमती यादव ने दोनों ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन समय पर पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित नहीं होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिये हैं। बैठक में जिला कृषि विभाग के एसडीओ ने बताया कि कुछ समितियों में खाद का भंडारण अव्यवस्थित तरीके से किया गया था, जिससे वास्तविक स्टॉक का पता लगाने में कठिनाई हो रही है। इस पर कलेक्टर ने व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देशों में संतुलित उर्वरक उपयोग, जैव उर्वरक और हरी खाद को बढ़ावा देने, भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।

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