Baikunthpur @ Tahkikat News
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के वनमंडल मनेंद्रगढ़ सीमा से सात हाथियों का समूह पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेष के अनूपपुर जिले से होता हुआ कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर में हाथियों का यह दल मंगलवार सुबह से वन परिक्षेत्र बैकुन्ठपुर के सलबा ग्राम के कांदाबाडी में चहल कदमी कर रहा है। बैकुन्ठपुर वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी इन हाथियों के दल पर नजर बनाए हुए हैं। वही पर हाथियों के आमद के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं।
बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी अखिलेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को अलकल सुबह 4 बजे 7 से 8 हाथियों का दल जिसमें 5 वयस्क एवं तीन बच्चे शामिल है बैकुंठपुर वन परीक्षेत्र के सलबा के समीप कांदाबाड़ी में पहुंचे हैं। इस दौरान अभी तक किसी बडे नुकसान की खबर नहीं है एहतियातन आसपास के ग्राम में परचा, बस्ती, मेको, सलवा, सलका, सरईगहना के मुनादी करा दी गई है कि लोग हाथियों के दल से दूर रहें एवं उन्हें किसी प्रकार की छेड़छाड़ या नुकसान पहुंचाने की कोशिश ना करें । इस दौरान बीती रात हाथियों का दल बिशुनपुर के जूनापारा से होता हुआ अपने पूर्ववर्ती रास्ते से कांदाबाड़ी पहुंचा। इस सबंध में जानकारों का कहना है कि हाथियों के बीते वर्षों के विचरण पर गौर किया जाए तो कांदाबाड़ी में हाथियों का दल कुछ दिन ठहर सकता है यही कारण है कि आसपास के गांव के लोगों में खतरा बढ़ गया है।
केल्हारी से विचरण करते हुए पहुंचा दल
बताया जा रहा है कि हाथियो का यह दल गत सप्ताह जनकपुर के केल्हारी क्षेत्र से विचरण करते हुए मध्यप्रदेष के जंगल सीमा में पहुंचा। जहा हाथियों का समूह कोतमा जनपद के ग्राम पंचायत साजाटोला के जंगल क्षेत्र से कोरिया जिले की सीमा में प्रवेष कर गया।
कांदाबाडी का रहा है खूनी इतिहास
कांदाबाडी के इतिहास में हाथियो के दल बेहद आक्रामक रहे हैं। 3 साल पहले सात हाथियों इस समूह यही पर अरहर के खेत में पटाका फोडने पर एक युवक की जान ले लिया था। तो कुछ साल और पीछे जाये तो यही पर गिटटी फोडने वाले लोगो पर हाथियो का कहर बरपा था और कई लोगो को अपने जान से हाथ धोना पडा था।
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