नपा चुनाव के लिए प्रचार का शोरगुल शनिवार शाम को थम गया। अब प्रत्याशी केवल घर-घर जाकर ही वोट मांग सकेंगे। सार्वजनिक रैली, सभाओं और जुलूस पर भी रोक लग गई है। प्रचार के आखिरी दिनो में भाजपा-कांग्रेस के संगठन के मुखियाओं की अगुवाई में नगर में रैलियां निकाली चुनावी सभाएं हुई। दोनों दलों ने आखिरी दिन ताकत दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
दिग्गजों ने झोंकी ताकत
भाजपा, कांग्रेस दोनों ने तमाम उठापटक के बाद नामांकन होने के बाद दोनो दलो भिरतघात की दोनों दलों में आशंका बढ़ी। प्रशासन ने अब मतदान होने और प्रचार की तय समय अवधि खत्म होने के बाद निर्धारित समय के अनुसार राजनीतिक दलों की रैली, जुलूस और सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर ने मतदान के लिए 20 दिसम्बर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
वोटिंग हाल में नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल
मतगणना हाल के भीतर धूम्रपान, तंबाकू युक्त पदार्थ ले जाने पर रोक रहेगी। मीडिया फोटो या वीडियो नहीं ले सकेगा। मतगणना हाल में जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर व प्रेक्षकों के अलावा कोई भी मोबाइल नहीं ले जा सकेगा। मतदान शांतिपूर्ण व निष्पक्ष कराने के लिए प्रशासन ने नगरीय क्षेत्र के अलावा बाहरी क्षेत्र के नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगाने के आदेश जारी किए। क्षेत्र में मतदाताओं के अलावा अन्य बाहर लोगों को वोटिंग दिनांक को इस क्षेत्र में प्रवेश से रोकना जरूरी है। कलेक्टर ने सीआरपीसी 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए क्षेत्र में रहने वाले वोटरों को छोड़कर जिन व्यक्तियों का नाम क्षेत्र की मतदाता सूची में नहीं है। वे मतदान दिवस की पूर्व संध्या से 20 दिसम्बर तक नपा परिषद की सीमा से बाहर रहेंगे।
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