बेमौसम हुई बारिश व ओलावृष्टि से किसानों को हुई क्षति के लिए सरकार केवल जांच का आदेश देती है परंतु जमीनी हकीकत यह है कि किसानों को ना कोई मुआवजा मिलता है न सरकार जांच कराती है। किसानों के हर मुद्दे पर राज्य सरकार का मैनेजमेंट फेल रहा है धान खरीदी के लिए सरकार द्वारा कोई रणनीति तय नहीं किया गया। जिसमे किसानों में घोर संकट खड़ा हो गया सोसाइटी में लिमिट स्टाक से अधिक धान होने के कारण परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई जिसके कारण सोसाइटी में लाखों मेट्रिक टन धान सड़ गया। यह आरोप प्रदेश के पूर्व मंत्री भैया लाल राजवाडे ने सरकार पर लगाते हुए कहा है कि जब तक किसानों का एक-एक दाना धान खरीद न ले तब तक सरकार को धान खरीदी बंद नहीं करना चाहिए।
भाजपा का कहना है कि 15 फरवरी तक धान खरीदी की तिथि बढ़ाई जाए, रबी फसल के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए, बेमौसम बारीश हुए नुकसान का क्षतिपूर्ति तत्काल दी जाए, लंबित स्थाई विद्युत कनेक्शन तत्काल दी जाए, पिछले वर्ष के धान की बकाया राशि व 2 वर्ष का बकाया बोनस का शीघ्र भुगतान करने की मांग की जाएगी।
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