तीसरे दिन भी जारी है गढडो से दवाओ का मिलना
हमेशा दवाई का रोना रोने वाले स्वास्थ्य विभाग में भयंकर लापरवाही के सबूत जांच अधिकारियों के सामने दूसरे दिन भी मिलने का दौर जारी रहा। खबर लिखे जाने तक मंगलवार को लगभग 12 बोरी एक्सपायरी दवा मिलने की बात सामने आ रही है। वहीं पर दूसरी ओर नगरपालिका के कचरे के ढेर में इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयों का मिलना नगरपालिका के कार्यशैली पर भी सवाल उठा रहा है । इस संबंध में जांच अधिकारियों की माने तो आने वाले समय में उन्हें भी नोटिस जारी कर इसका जवाब लिया जायेगा। उनके द्वारा किस नियमों के तहत सुख सूखा और गीला कचरा के सेंटरों में दवा इतनी बड़ी मात्रा कैसे प्राप्त हो रही है। इस दौरान मिल रही दवाइयों पर गौर किया जाए तो सारी दवाइयां 2016, 17, 18, 19 तक की एक्सपायरी दवाइयां बताई जा रही है । अब यह सवाल उठता है कि इतनी मात्रा में जीवन रक्षक दवाइयों का जखीरा इस तरीके से मिलने के लिए जिम्मेदारों को कब तक बचाने का प्रयास किया जाएगा । वहीं पर दूसरी ओर जानकारों की माने तो हो सकता है की बाजारों से एक्सपायरी दवाइयों को खरीद कर मोटे मुनाफे के लिए इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया हो। मामले की गहनता से जांच होने के बाद इसके खरीदी के संबंध में यदि गहनता से कोरिया कलेक्टर जांच कराएं तो खरीदी में हुए गड़बड़ झाले की संपूर्ण जानकारी भी बाहर आने की पूरी संभावना है ।
गहन जॉच की जरुरत
दूसरी ओर सप्ताह भर पूर्व जैसे यह मामला सामने आया था वैसे ही कार्यालय सिविल सर्जन मुख्य अस्पताल अधीक्षक कोरिया बैकुंठपुर के द्वारा कलेक्टर कोरिया को लिखे पत्र में अखबारों में एक्सपायरी दवा के संबंध में खबर प्रकाशित को लेकर कलेक्टर कोरिया को सफाई देते हुए कहा गया कि 6 जनवरी 2023 को प्रकाशित खबर सूचना पर जांच कमेटी जिसमें अस्पताल अधिक्षक डॉक्टर आशीष करण स्वय और बी आर सिलावट स्टोर प्रभारी व वंदना सिंह फार्मासिस्ट के द्वारा कचरा घर का निरीक्षण किया गया । उक्त निरीक्षण कर पत्र में कहा गया कि चिकित्सा के निष्पादन वेस्ट मटेरियल को जब गड्ढे में भरने की कार्यवाई की जा रही थी तभी वीडियो बनाकर न्यूज़ में प्रकाशित कर दिया गया । जबकि उक्त कार्रवाई में बायोवेस्ट बागों में चिकित्सालय की सफाई के दौरान निकलने वाले अवशेष थे जिसके निष्पादन की कार्रवाई नियमानुसार नगरपालिका बैकुंठपुर के तलवापारा स्थित एस एल आर एम सेंटर के द्वारा जारी की जाती है इसलिए समाचार पत्रों में छपी खबर का खंडन किया जाता है बड़ा ही गंभीर सवाल उठ रहा है कि जहां पर अस्पताल अधीक्षक डॉ आशीष करण के द्वारा इस तरीके की गैर जिम्मेदाराना एवं गुमराह करने वाले करने वाली जानकारी जिले के मुखिया को दी गई । वहीं पर दूसरी और अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए नई नई स्टोरी भी गड़ने का प्रयास किया गया । बेहतर होता कि डॉ आशीष करण के साथ जो अन्य लोग भी जांच के लिए मौके पर गए थे उन्हें भी अपने पद की गरिमा व जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए । ना कि सच्चाई को नकारने के लिए मनगढ़ंत कहानियो का निष्पादन किया जाना चाहिए। विगत 3 – 4 वर्षों से लगातार या देखा जा रहा है कि जिला अस्पताल बैकुंठपुर तरह तरह की घटनाएं जिस पर जिला प्रशासन को आए दिन शर्मसार होता होना पड़ रहा है ।
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