झूठ का पुलिंदा नहीं, जमीनी सच्चाई वाला घोषणा पत्र देंगे – भैयालाल राजवाडे

Estimated read time 1 min read

हाथ में गंगा जल लेकर झूठ बोलने वाली कांग्रेस पर प्रधानमंत्री के तंज के बाद भाजपा की टेग लाईन बनती नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिले संदेश के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के द्धारा विधानसभा चुनाव 2023 के मद्देनजर छत्तीसगढ़ भाजपा ने चुनावी घोषणा पत्र बनाने को घोषणा पत्र समिति गठित कर दी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के द्धारा गठित समिति में सदस्य के तौर पर प्रदेश के पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाडे को नियुक्त किया गया है। तो पूर्व संसदीय सचिव चंपादेवी पावले को भी सदस्य बनाया गया है। गौरतलब हो कि छत्तीसगढ में नवंबर-दिसंबर में चुनाव होना है। इस दौरान भाजपा ने सत्ता में वापसी के लिए हर तरह की कवायद शुरु कर दी है। वर्तमान में प्रदेश की 90 विधानसभा सीट में कांग्रेस के पास 71 व भाजपा के पास 13 सीट है।
भाजपा ने गठित समिति में युवा मोर्चा सहित सभी तरह के जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश की है। इस दौरान भाजपा सभी विषयों में वाद-विवाद के माध्यम से लगातार राज्य सरकार के खिलाफ हमलावर रही हैं इस सबंध में पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाडे ने घोषणा पत्र समिति में शामिल किये जाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष के प्रति आभार जताते हुए कहा कि हम झूठ का पुलिंदा नहीं, धरातल पर उतरने वाला घोषणा पत्र बनायेगें।

प्रधानमंत्री के मंशानुरुप बनायेंगे घोशणापत्र

श्री राजवाडे ने कहा कि पार्टी का घोषणापत्र उसका प्रतिबिंब होता है। हमारा घोषणा पत्र कांग्रेस की तरह झूठ का पुलिंदा नहीं होगा। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र सरकार सबका साथ और सबका विकास के साथ काम कर रही है। उसी के अनुरूप सच्चे संकल्प पत्र के रूप में हम घोषणा पत्र बनाएंगे। उन्होने कहा कि जल्द ही समिति की बैठक लेकर प्रदेश की तमाम परिस्थितियों पर विचार करेंगे। पहली प्राथमिकता लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप घोषणा पत्र बने। सबसे बड़ी चुनौती है कि घोषणा पत्र धरातल पर उतरने वाला हो। वह कांग्रेस के घोषणा पत्र की तरह झूठ का पुलिंदा न हो, क्योंकि झूठ बोलना हमारी नीति और नीयत नहीं है।

झुठे वादो के सहारे आई थी कांग्रेस की सरकार

श्री राजवाडे ने कहा कि वर्तमान सरकार का चेहरा भ्रष्टाचार के कारण बेनकाब हो चुका है। आगे भी यही हाल रहा तो पता नहीं जनता क्या कर डाले। 2018 में हमारी सरकार जो चली गई, उसका मुख्य कारण कांग्रेस के घोषणा पत्र रूपी झूठ का पुलिंदा ही था। आज साढ़े चार साल बाद भी कई घोषणाएं धरातल पर नहीं आई है। कांग्रेस के 36 वादों में एक भी वादा धरातल पर सही ढंग से नहीं नजर आया। धान, किसान जैसे मुद्दों को लेकर भैयालाल ने कहा कि केंद्र सरकार की चावल खरीदी की सही जानकारी जनता तक पहुंचाना है। कांग्रेस की जितनी गारंटी हैं, उसका जमीन पर अभी क्या स्थिति है। पुरानी पेंशन योजना में इस सरकार को क्या भार पड़ रहा है। जब ये सरकार में रहेंगे नहीं तब यह लागू होगा। पुराना पेंशन कांग्रेस का मकड़ जाल है।

as

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours