मेडिकल बेड की जगह लकडी की खाट, लिफ्ट, रैम्म थी गायब……अस्पताल ने शासन को गुमराह कर लिया था स्मार्ट कार्ड से इलाज की अनुमति…..अब हो रही जॉच

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हाईलाइट……….

मेडिकल बेड की जगह लकडी की खाट, लिफ्ट, रैम्म थी गायब……अस्पताल ने शासन को गुमराह कर लिया था स्मार्ट कार्ड से इलाज की अनुमति

फर्जीवाडे का खुलासा तब हुआ जब स्मार्ट कार्ड की राज्य विजलेंस टिम ने मौके पर 38 स्मार्ट कार्ड जब्त किये, जबकि अस्पताल में मात्र 16 मरीज ही थे भर्ती

बैकुंठपुर।

06 वर्ष के बाद कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के शर्मा अस्पताल खिलाफ स्मार्ट कार्ड घोटाला सहित अन्य दो मामलों में शासन के आदेश के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग टीमें बनाई कर जाच प्रारम्भ कर दिया है। गौरतलब हो कि नई दुनिया के द्वारा विगत 03 वर्षो से लगातार प्रमुखता से खबरे प्रकाशित करने के बाद भी घोटाले के विरुद्ध भी जांच नही कराई जा रही थी।

छत्तीसगढ़ में आयुष्मान योजना को नर्सिंग होम और अस्पताल मालिकों का लूटपाट ही नही शासन के खजाने में डाका का एैसा जरिया बनाया गया था कि प्रदेश में लगभग 800 करोड़ की योजना में अस्पताल मालिकों ने 2200 करोड का क्लेम कर दिया।

प्रदेश स्तर पर हो रहे खुलासे से पहले कोरिया जिले में पहले सरकारी अस्पतालो के 86 लाख फर्जीवाडे कर डकारने का मामले में 81 लाख अब तक शासन के खजाने में नही जमा कराये गये हैं। और न ही अब तक घोटालेबाजो पर कोई कानूनी कार्यवाई ही की गई है। उसके बाद जैसे जैसे कागज बाहर आने लगे तो कारनामें प्राईवेट अस्पतालो के भी सामने आने लगे।

स्मार्ट कार्ड घोटाले में कोरिया मुख्यालय बैकुठंपुर के शर्मा हॉस्पिटल के कारनामों के चिट्ठे आरटीआई से मिले कागज बाहर आये। जिसमें शर्मा अस्पताल द्वारा स्मार्ट कार्ड से मरीज का इलाज करने के बावजूद उनसे नगद पैसे लेने के आरोपो के बाद शासन ने इसकी जांच करवाया जिसमें शिकायत सही पाया गया।

प्रारम्भिक जाच में अधिकारियो सेे सैकडो मरीज ने अस्पताल पर कई तरह के गंभीर शिकायते दर्ज कराई। जॉच में कई प्रकरण तो ऐसे सामने आए जिसमें अस्पताल ने एक मरीज का इलाज किया और उसके एवज में फर्जी तरिके से चार अन्य स्मार्ट कार्डों से पैसे का आहरण किये गये । जिसके बाद अस्पताल पर कार्यवाई होने को लेकर लगातार शिकायतो के बाद एक बार फिर से इनकी जाच कराई जा रही है।

पॉच सदस्यी जाच टिम हेड करेंगे सीएस

कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरिया के द्धारा 08 जनवरी को मामले में जाच के लिए 05 सदस्यो की टिम बनाई गई है। जिसमें डॉ. आयुष जायसवाल, बैकुंठपुर अस्पताल अधीक्षक को मुख्य जाचकर्ता बनाया गया है जबकि अन्य सदस्यो में उज्जवल सिन्हा, जिला परियोजना समन्वयक आयुष्मान भारत, आलोक मिंज औषधि निरीक्षक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, विकास लकड़ा औषधि निरीक्षक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, शिवराम खुटिया, सहायक ग्रेड 03 जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर को जिम्मेदारी सौपी गई है।

राज्य के आदेश पालन में लग गये तीन महिने

विभाग ने संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ के आदेश 01 अक्टूबर 2024 के बाद 08 जनवरी 2025 को जाच टिम बनाई। पत्र में जाच टिम को कहा गया है कि अस्पताल संचालक, डॉ. राकेश शर्मा, शर्मा हॉस्पिटल बैकुंठपुर कोरिया के विरूद्ध आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजनातंर्गत भ्रष्टाचार करने एवं अनियमितताओं की जांच करते हुए जांच प्रतिवेदन अविलम्ब उपलब्ध कराये जाने हेतु पत्र प्राप्त हुए है। आपको निर्देशित किया जाता है कि शिकायत आवेदन पत्रों में उल्लेखित तथ्यों की जांच कर जांच प्रतिवेदन अपने स्पष्ट अभिमत सहित अविलम्ब अधोहस्ताक्षरकर्ता कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। अब देखना होगा कि जाच दल कब तक अपनी रिपोर्ट सौपता है।

झोलझाल करने अस्पताल ने बनाये फर्जी प्रकरण

स्मार्टकार्ड फर्जीवाडे की विजलेंस टिम ने तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस एल चावडा के समक्ष सभी मरिजो के बयान दर्ज किये थे। जांच दल ने मरीजों के घर-घर जाकर बयान लिया गया। जॉच में पाया गया कि अस्पताल द्वारा फर्जी प्रकरण बनाकर स्मार्टकार्ड पैकेज का दुरुपयोग किया गया। जाच अधिकारियो ने पाया कि अस्पताल ने मोतियाबिंद व पथरी सहित कई प्रकार की बीमारियो के फर्जी प्रकरण बनाकर स्मार्ट कार्ड से पैसा निकाला। अस्पताल ने जनरल वार्ड में मेडिकल बेडो के स्थान पर लकड़ी के तखतो पर मरीजों का इलाज किया, ऑपरेशन थिएटर शासन के नियमो का पालन नहीं पाया गया, अस्पताल के तीसरे मंजिल पर जनरल वार्ड तक मरिजो के लिए लिफ्ट या रैम्म की सुविधा उपलब्ध होन एवं अस्पताल में मौके पर 38 स्मार्ट कार्ड प्राप्त किये जबकि अस्पताल में मात्र 16 मरीज ही भर्ती जैसे दर्जनो खामिया पाई गई।

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