खरीदी केंद्रों में खुले आसमान के नीचे साढे चार लाख विवंटल धान पर बादलो ने लगाया ग्रहण
21 खरीदी केन्द्रो पर 40 फिसद धान का उठाव शेष
बैकुंठपुर।
जिले भर में विगत दो दिनो से छाये बादल के कारण धान खरीदी केंद्रों में उठाव में देरी के कारण धान खरीदी केंद्रों में जाम की स्थिति है। धान खरीदी को खत्म होने में एक पखवाडा से कम समय रह गया है। खरीदी केंद्रों में धान खरीदी तेजी से हो रही है। धान खरीदी केंद्रों में धान का उठाव निश्चित समय अंतराल पर नहीं होने से धान खरीदी केंद्रों में जाम की स्थिति बन गई है। धान खरीदी केंद्रों में किसानों की उपज को बेहतर ढंग से रखने के उद्देश्य से भी कई तरह की व्यवस्थाएं की जाती हैं, लेकिन अधिकांश केंद्रों में बारिश से लेकर आगजनी से निपटने के लिए व्यवस्था नहीं की जाती। इसके अलावा केंद्रों में बारिश से बचने के लिए तिरपाल की कमी बनी ही रहती है। बेमौसम बारिश होने की स्थिति में भी धान के भीगने का खतरा बना रहता है।
चार लाख 46 हजार क्विंटल धान जाम
इधर जिले में 16 जनवरी 2025 तक की स्थिति में 21 उपार्जन केंद्रों के जरिए 11 लाख 25 हजार 414 क्विंटल धान खरीदी हो चुकी है। इनमें से 46 हजार 900 क्विंटल धान का ही उठाव हुआ है। 04 लाख 46 हजार 222 क्विंटल धान उपार्जन केंद्रों में खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। जहां धान को बचाने पर्याप्त इंतजाम पूरे नही पडेगे यदि बारिश हुई तो । इधर बारिश के बाद उपार्जन केंद्रों का नोडल अधिकारी के द्वारा दौरा भी किया गया और अव्यवस्था मिलने पर फटकार भी लगाई और धान को पूरी तरह से ढंककर रखने निर्देशित किया।
21 उपार्जन केन्द्रो पर 11 लाख क्विटल खरीदी
कोरिया जिले के 21 उपार्जन केन्द्रो पर 11 लाख 25 हजार 414.80 क्विंटल धान खरीदी हो चुकी है। जिसमें खरीदी केन्द्र गिरजापुर में 90091.20, में चिरमी 45460.00, बंजारीड़ाड 25374.40, छिन्दडांड् 49287.20, जामपारा 87472.40 जिल्दा 46858.80, झरनापारा 47927.20, छिदिया 44683.60, तरगंवा 44846.00 धौराटिकरा 43488.00, पटना 127152.40, पोंडी 82777.20, बड़ेकलुवा 38164.80 बैमा 55279.20, अकलासरई 10242.00, रजौली 40965.20, रामगढ़ 20443.20, सरभोंका 76070.80, सलबा 52365.60, कटगोडी 56451.20, सोनहत 40014.40 की गई है।
भाजपा सरकार ने नियमों में कर दिया बदलाव
धान उपार्जन की पूरानी सरकार की नीति को भाजपा सरकार ने बदल दिया है। नई नीति के अनुसार 72 घंटे में बफर स्टॉक के उठाव की नीति को बदल दिया है। पहले इस प्रावधान के होने से समितियों के पास ये अधिकार होता था कि वे समय सीमा में उठाव न होने पर चुनौती दे सकें। अब जो बदलाव हुआ है उसके बाद बफर स्टॉक के उठाव की कोई सीमा ही नहीं है। पहले मार्कफेड द्वारा समस्त धान का निपटान 28 फरवरी तक कर देने की बाध्यता रखी गई थी अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है। धान मिलिंग के लिए पहले प्रति क्विंटल 120 रुपए देने का निर्णय लिया था। अब इसको घटाकर 60 रुपए कर दिया है।
वर्जन……
उपार्जन केंद्रों में खरीदे गए धान को सुरक्षित रखने निर्देशित दिए हैं। सभी जगह धान सुरक्षित है। बेमौसम बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए सभी खरीदी केन्द्रो के प्रभारियो को धान सुरक्षित रखने पूरे इंतजाम करने को कहा गया है।
गिरजा शंकर साहू – नोडल अधिकारी कोरिया

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