धरती आबा अभियान-जिले में 65 हजार से अधिक लोगों की सिकलसेल जांच

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बैकुंठपुर।

जनजातीय विकास को समर्पित धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान ने कोरिया जिले के सुदूर अंचलों में सामाजिक परिवर्तन की नई लहर पैदा की है। 15 जून से 15 जुलाई तक चले इस एक माह के विशेष अभियान के दौरान 154 जनजातीय ग्रामों में शिविरों और डोर-टू-डोर सेवाओं के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाएं और ज़रूरी दस्तावेज़ आमजन तक पहुँचाए गए।

जिला प्रशासन की देखरेख में बैकुंठपुर विकासखंड 138 तथा सोनहत विकासखण्ड के 16 ग्रामों में आयोजित 175 शिविरों में 37,469 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिसमें 65,298 लोगों की सिकलसेल एनीमिया की जांच की गई। जांच में 23 क्षय रोगी भी चिन्हित किए गए, जिन्हें आवश्यक उपचार के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

अभियान के दौरान 768 आधार कार्ड, 320 आयुष्मान भारत कार्ड, 391 जाति प्रमाण पत्र, 361 निवास प्रमाण पत्र,1,231 सुकन्या समृद्धि योजना खाते जैसी विभिन्न सेवाएं प्रदान की गईं। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जनधन, मुद्रा योजना, जीवन ज्योति बीमा, सुरक्षा बीमा, वन अधिकार पत्र, उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड और मनरेगा जैसी दर्जनों योजनाओं का लाभ भी पात्र हितग्राहियों को प्रदान किया गया।

इस व्यापक अभियान के दौरान अधिकारियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक किया और मौके पर ही दस्तावेज़ बनाकर सौंपे, जिससे आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
धरती आबा अभियान भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य आदिवासी बहुल क्षेत्रों में समावेशी विकास और योजनाओं की सीधी पहुँच सुनिश्चित करना है। इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों की समन्वय टीमों की तैनाती की गई थी।

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