सोनिया कांग्रेस का इतिहास ओक्तावियो से लेकर ओक्तावियो तक की कहानी है : संजय

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . रायपुर     

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस के शैलेश नितिन त्रिवेदी की पात्रता पर सवाल उठाते हुए उन्हें Watsaap प्रवक्ता कहा है। उन्होंने कहा कि अज्ञानता का चरम त्रिवेदी चार किराए के Watsaap चालक लोगों द्वारा भेजे इनपुट पर राजनीति करना और फ़र्ज़ी विमर्श चलना चाहते हैं। त्रिवेदी की ऐसी कोई भी बात नहीं होती जिसे गम्भीरता से लिया जाय।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जीप ख़रीदने में घोटाले से लेकर बोफ़ोर्स घोटाले तक कांग्रेस के नेहरू परिवार गुट ने रक्षा सौदों में भी दलाली के इतने कीर्तिमान बनाये हैं कि ज़रा भी ग़ैरत होती तो कम से कम भ्रष्टाचार आदि की बात नहीं करते त्रिवेदी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस गांधी परिवार गुट का इतिहास ओक्तावियो ह्यूम से शुरू होकर ओक्तावियो क्वात्रोकी पर ख़त्म होता है। जिस तरह फ़िरंगी सल्तनत के ख़िलाफ़ लड़ाई में सेफ़्टी वॉल्व के रूप में एक विदेशी नौकरशाह ओक्तावियो ने कांग्रेस की स्थापना की थी। उसी तरह सोनिया कांग्रेस का पालन-पोषण करने के इटली से ओक्तावियो-2 का आगमन हुआ, जिसके बारे में दुनिया जानती है। उन्होंने कहा कि बेशर्मी का चरम तब देखने में आया जब यूपीए-2 की सरकार ने जाते-जाते सीबीआई द्वारा ओक्तावियो-2 के नाम की फ़्रीज़ रक़म को दबाव डाल कर डी-फ़्रीज़ करा दिया गया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि गांधी-सुभाष-पटेल जैसे प्रातः स्मरणीय नेताओं ने जिस कांग्रेस की बुनियाद को मज़बूत करते हुए उसे ओक्तावियो की कांग्रेस से अलग बनाने में अपना जीवन लगाया था, नेहरू ख़ानदान ने उस विरासत को हड़प कर कांग्रेस को क्वात्रोकी कांग्रेस में बदल डाला था। जिस कांग्रेस को गांधी जी ने ख़त्म करने का निर्णय लिया था, उसे ही हड़प कर पिछले पचास वर्ष में नक़ली गांधी के परिवार ने जैसी गंदगी मचायी, उसकी चाटुकारिता करने वाले लोग इतिहास पर बहस करने की हैसियत नहीं रखते।

श्रीवास्तव न कहा कि जब भी भाजपा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को उसके नकारापन की याद दिलाती है, जब भी जनता से किये वादे का स्मरण कराना चाहती है, झट से कांग्रेस के डपोरशंख लोग या तो असभ्यता पर उतारू हो जाते हैं, या वाट्सऐप का अधकचरा ज्ञान परोसने लगते हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि सच तो यह है कि आज़ादी से अब तक 72 टुकड़ों में बंट चुकी कथित कांग्रेस के किस टुकड़े के सदस्य हैं त्रिवेदी, यह भी उन्हें नहीं पता होगा। श्रीवास्तव ने त्रिवेदी से आग्रह किया है कि इतिहास लेखन का काम पढ़े-लिखों पर छोड़ते हुए कांग्रेस सरकार वह काम करे जिसके लिये चुन कर आये हैं। वरना तीन वर्ष के बाद केंद्र की तरह प्रदेश में भी विपक्ष के लायक़ भी नहीं बचेंगे

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