जिले में लगातार हो रहे अवैध कारोबारियो ने कबाड़ चोरो को सक्रिय

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

गैर कानूनी कारोबार के कारोबारी इस समय क्षेत्र में धड़ल्ले से फल-फूल रहे हैं। विडबंना तो ये है कि ऐसे कारोबार में में पुलिसप्रशासन की मिली भगत के साथ साथ जानकार तो ये भी बता रहे है इस धंधे में मासूम बच्चों को धकेलने के साथ साथ प्रेस से जुडे लोगो की सहभागिता भी इस तरह के धंधो में बताये जा रहे हैं। जिले के मनेन्द्रगढ, चिरमिरी और पटना कोयलांचल क्षेत्र है यहां कबाड़ के व्यवसायी के द्वारा लगातार करोड़ों का कारोबार अवैध तरीके से हो रहा है। इस व्यवसाय को करने के लिए न तो किसी को लाइसेंस की जरूरत होती है और न ही किसी की अनुमति की आवश्यकता होती है। इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सिर्फ एक स्टाक रजिस्टर की जरूरत होती है। स्टॉक रजिस्टर में खरीद-बिक्री किए गए समान को दर्ज कर इस व्यवसाय को आसानी से किया जा सकता है। इस व्यवसाय में पुलिस और प्रशासन का कोई रोकटोक नहीं होता है।

मजेदार बात यह कि पटना क्षेत्र मे कबाड़ का अवैध कारोबार बेरोकटोक व बेखौफ कारोबार कर रहे हैं। इन पर किसी का नियंत्रण नहीं होने से हमेशा कोयलांचल क्षेत्र में चोरी की घटना बढ़ रही है सांथ ही अन्य जगहों से चोरी कर चोर कबडी के यहां समान बेंच रहे है और चोरियों के समाना को बेधड़क खरीद रहे हैं। पटना क्षेत्र मे कोयलांचल कटकोना व पण्डोपारा एसईसीएल खदान मे लगातार यहां की बेसकिमती सामान चोरी हो रही है व सोलर प्लेट, साइकिल व बाइक चोरी की घटनाएं तो अब आम सी हो गई है। दिन-दहाड़े सार्वजनिक स्थानों से साइकिल और बाइक चोरी हो रहीं हैं। साइकिल चोरी होने पर अमूमन लोग थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराते, क्योंकि पुलिस इसे छोटा मामला बताकर ध्यान नहीं देती। बाइक और साइकिल चोरी की रिपोर्ट तो लिखी जाती है, लेकिन अक्सर ये वापस नहीं मिलते। इसका कारण यह है कि चोरी की साइकिल और बाइक के कलपुर्जे को अलग-अलग कर कबाड़ में बेच दिया जाता है। इसके अलावा इस धंधे में लोहे के सामान व घरेलू उपयोग के सामान सहित कई कीमती समान पानी के मोल कबाड़ी अपने दलालों के माध्यम से खरीद कर करोड़ों कमाते है। कबाड़ व्यवसाय के लिए शासन ने कोई स्पष्ट नियम नहीं बनाया है, पर इसके लिए लाइसेंस जरूरी है। नियम के मुताबिक कबाड़ के व्यवसाय के लिए लाइसेंस बना होना चाहिए। पटना क्षेत्र मे कई मामले ऐसे भी आए हैं, जिनमें कबाड़ी बच्चों से चोरी के माल खरीदते हैं। वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किशोरों को चोरी करने के लिए प्रेरित करते हैं। ये किशोर प्राय: गरीब तबके के होते हैं। पारिवारिक व सामाजिक मार्गदर्शन नहीं मिलने से वे घरो के आसपास फेंके गए कचरे में से कबाड़ चुनते है बाद में इन बच्चों पर पारिवारिक नियंत्रण नहीं होने के कारण नशे के गिरफ्त में आ जाते है और अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए चोरी के धंधे में उतर आते है। ज्ञात हो कि पटना थाना मे आए दिन एसईसीएल कटकोना व पण्डोपारा के खदानों से बेसकिमती सामान लगातार चोरी हो रही है, जिसकी शिकायत भी थाने मे होती है, बिते दिनों ही पटना थाना अंतर्गत कटकोना व पण्डोपारा खदान है जहां चोर काफी सक्रिय हैं यहां लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं एक बार फिर पांच नंबर की खदान में ताला तोड़ घुसे चोरों ने तांबा का तार चुरा लिया है बीते दिनों अज्ञात चोरों ने खदान के अंदर जाने वाले दरवाजा में लगे ताले को तोड़कर खदान के अंदर प्रवेश किया और 50 मीटर से अधिक तांबे का तार चुरा कर ले गए जिसकी कीमत लगभग 50 हजार रु. आंकी जा रही है इसकी शिकायत पटना थाना में कर दी गई है।

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