तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
सर्दी के मौसम में सबसे अधिक दिक्कत बच्चों को होती है। पूरे दिन धूप की वजह से गर्मी होती है और सुबह-शाम सर्दी बढ़ जाती है। इसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही से जुकाम और खांसी का खतरा बढ़ जाता है।
सीएमएचओ डां रामेंश्वर शर्मा का कहना है सर्दी में मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, मौसम परिवर्तन का सबसे अधिक असर बच्चे और बुजुर्गो पर पड़ता है।इस मौसम में विभी प्रकार के वायरस सक्रिय हो जाते हैं जो बीमारियों का कारण बन हैं खासकर सर्दी, जुकाम और बुखार । वर्तमान में कोरोना की वजह से लोगो को अतिरिक्त सर्तकता की आवश्यकता है।
उन्होने बताया वायरल के वायरस मुंह और नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। गले में खराश, खांसी, जुकाम और उल्टी होने का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में वायरस शरीर में प्रवेश कर खून में पहुंचता है। ठंड के साथ शरीर के विभिन्न अंगों में तेज दर्द शुरू हो जाता है। इसके बाद बुखार भी आ सकता है। इस मौसम में अस्थमा मरीजों की संख्या भी बढ़ जाती है।
वायरल के लक्षण
सर्दियों का मौसम सांस के मरीजों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। सांस संबंधी जैसे दमा, फ्लू और सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या काफी बढ़ रही है। इस वजह से लोगों की आंखों में जलन, नाक में खुजली, गले में खरास और खांसी जैसे लक्षण सामान्य तौर पर देखने को मिल रहे हैं। बुखार, ठंड लगना, नाक से पानी आना, कमजोरी, भूख कम लगना, सिर में दर्द, उल्टी, खांसी, आंखें लाल होना, छाती में दर्द, बलगम आना आदि वायरल के लक्षण होते है।
वायरल से बचने के उपाय
हाथो को दिन में बार -बार धोएं क्योंकि यह ऐसा वायरल होता है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुँचता है. ऐसे में अगर व्यक्ति हाथो को धोते रहेगा तो वायरस का खतरा नहीं रहेगा। घर की उन जगहों पर साफ -सफाई करते जहाँ धूल व गंदगी होने के अधिक संभावना होती हगंदगी नहीं होगी तो इसका खतरा भी नहीं होगा। खानपान को मौसम के अनुकूल रखेद्य कभी भी ऐसे स्थानों पर न जाए जहाँ बहुत भीड़ इकटठी हुई हो क्योंकि जहाँ भीड़ होती है वहां इसका खतरा और अधिक बढ़ जाता है।

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