खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 हेतु धान खरीदी 1 दिसंबर से प्रारंभ हो रही है। शासन की मंषानुसार किसानों का शत् प्रतिषत धान खरीदी हो पाए इसके मद्देनजर आज कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जिले के सभी धान खरीदी के समिति प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर आॅपरेटरों को धान खरीदी के संबंध में बिन्दुवार प्रषिक्षण दिया गया।प्रषिक्षण में खरीफ वर्ष 2020-21 के धान उपार्जन के सोसायटी माॅड्यूल में इन्सटालेषन, इंटरनेट कनेक्टीविटी की उपलब्धता एवं अनिवार्यता के साथ आॅपरेट करने की प्रक्रियाओं को बताकर प्रषिक्षित किया गया। जिसमें उपार्जन केन्द्र में लाॅगिन करने हेतु सबसे पहले उपार्जन केन्द्र की स्थापना करना अनिवार्य होगा। उपार्जन केन्द्र की स्थापना आॅनलाइन सोसायटी मोडयूल में लाॅगिन कर उपार्जन केन्द्र का स्थापन करने के लिए बताया गया।
प्रषिक्षण में खाली बाददानों की प्राप्ति, धान आवक टोकन, धान आवक का नया टोकन बनाने की प्रक्रिया, नया धान आवक टोकन जारी हेतु नियम, धान आवक टोकन का संषोधन व निरस्तीकरण की प्रक्रिया, टोकन संषोधन के नियम, किसान से धान की प्राप्ति, धान प्राप्ति की प्रविष्टि हेतु नियम, धान प्राप्ति में संषोधन तथा धान प्राप्ति में संषोधन के नियमों की जानकारी दी गई है।प्रषिक्षण में आये समिति प्रबंधकों एवं आॅपरेटरों को कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने कहा कि शासन के निर्देषानुसार 1 दिसंबर से धान खरीदी प्रारंभ हो रही है, इसके लिए आप सभी संवेदनषील होकर कार्य करें। उन्होनें धान खरीदी केन्द्र में स्थान की पर्याप्त उपलब्धता, संग्रहण क्षमता, ड्रेनेज एवं कव्हर की पर्याप्त व्यवस्था, पीने के लिए पानी की व्यववस्था, कम्प्यूटर एवं इंटरनेट कनेक्षन दुरूस्त करने, टोकन व्यवस्था, नापतौल, आद्रता मापी यंत्र सहित अन्य उपकरणों को दुरूस्त रखने कहा है। इसके साथ ही बेहतर एवं सुव्यवस्थित स्टेकिंग करने, धान के रखाव एवं सुरक्षा को ध्यान में रखकर व्यक्तिगत रूप से संवेदनषील होकर कार्य करने कहा, जिससे किसानों को किसी तरह की परेषानी न हो।
षासन की प्राथमिकता है कि धान खरीदी में किसी प्रकार की षिकायत प्राप्त न हो, खरीदी गई धान की गुणवत्ता भी सही होनी चाहिए। कलेक्टर ने किसानों से शत् प्रतिषत धान लेने कहा है तथा पीडीएस का बारदाना उपयोग करने निर्देषित किया है।खाद्य अधिकारी श्री संदीप भगत ने समस्त धान खरीदी प्रभारियों को किसानों को जागरूक करने कहा है, शासन के निर्देषानुसार किसानों को धान विक्रय करने के तीन अवसर प्रदान किये जायेंगें। जिसमें टोकन कटाने के बाद निरस्त करने से वह अवसर समाप्त हो जायेगा। जिसके लिए किसानों को टोकन कटाने के समय ही जागरूक करते हुए प्राप्त अवसर पर ही धान विक्रय करने समझाईष देने कहा है। जिससे उन्हें धान विक्रय के सभी अवसरों का लाभ मिल सके। प्रषिक्षण एवं बैठक के दौरान अपर कलेक्टर श्री एस.एन. मोटवानी, संयुक्त कलेक्टर श्री षिवकुमार बनर्जी, खाद्य अधिकारी श्री संदीप भगत, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएॅ श्री जी.एस.शर्मा, जिला विपणन अधिकारी श्री बी.एस. टेकाम सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
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