सखी वन स्टॉप सेंटर बन रहा जरूरतमंद महिलाओं को एक छत के नीचे तत्काल सहायता देने का एक सशक्त और सुलभ माध्यम

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कोरिया सखी सेंटर ने काउंसलिंग कर परिवार के सभी शिकवे-शिकायतें दूर की, उन्हें फिर साथ मिलाया


तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर पीड़ित और जरूरतमंद महिलाओं को एक छत के नीचे तत्काल सहायता देने के एक सशक्त और सुलभ माध्यम बनते जा रहे हैं। ऐसा ही एक वाकया जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर में संचालित ’’सखी’’ वन स्टॉप सेन्टर का है। जब उन्होंने काउंसलिंग के जरिए एक परिवार के सभी शिकवे-शिकायतें दूर कर उन्हें फिर साथ मिला दिया।  


सरवाइवर पत्नी एवं अनावेदक पति दोनों अलग-अलग रहते थे। सरवाइवर ने ’’सखी’’ वन स्टॉप सेन्टर में पहुंचकर मदद मांगी और बताया कि उनके पति 01 वर्ष से उनके साथ नहीं रहते है और ना ही किसी प्रकार का खर्च देते है। बच्चों के शिक्षा के लिये भी कोई खर्च उनके द्वारा नहीं दिया जाता है। सरवाइवर चाहती थी कि पति उनके एवं बच्चों के साथ रहे और उनकी देख-रेख करें। उन्होंने अपने पति की काउंसलिंग किये जाने की इच्छा जताई।


  सरवाइवर की इच्छा अनुसार उनके पति को बुलाया गया और आवश्यक काउंसलिंग की गई। तब उन्होंने बताया कि वे परिवार आये दिन होने वाले छोटे-बड़े झगड़े के कारण घर छोड़ कर चले गये थे। इस दौरान पूरे मामले में समझ आया कि यह घरेलू हिंसा एवं आपसी संवाद में कमी का मामला है। इसके बाद सरवाइवर एवं उनके बच्चों को तीसरी काउंसलिंग हेतु बुलाया गया है। तीसरी काउंसलिंग में दोनों पति-पत्नी सखी सेंटर में उपस्थित हुये एवं दोनों में सुलह कराई गयी। अनावेदक पति ने अपनी गलती मानी और सरवाइवर एवं अपने बच्चों को अपने साथ रखने की बात कही। दोनों खुशी-खुशी सहमत हुए कि वे अब अच्छे से साथ में रहेंगे और खेती बाड़ी में सहयोग करेंगे।


इसके बाद सखी सेंटर द्वारा फॉलोअप भी लिया गया। सरवाइवर एवं अनावेदक ने स्टाम्प में लिख कर दिया कि हम अच्छे से है और हमारा केस समाप्त कर दिया जाये तब सखी सेंटर द्वारा इस प्रकरण को समाप्त कर दिया गया। ’’सखी’’ वन स्टॉप सेन्टर महिलाओं की सुरक्षा और सहयोग ही नहीं उनके जीवन में खुशियां भी सुनिश्चित कर रहा है।  

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