लाकडाउन में नगर की सडको से आवारा पषुऐ हुए गायब

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

बैकुन्ठपुर में लाकडाउन लगने के बाद से षहर की सडको से आवारा मवेशियों गाय हो गये है। लाक डाउन के दौरान षहर में खाने पीने की व्यवस्था नहीं होने से उनकी भूख नहीं मिट पा रही है। आम लोगों के लिए भोजन व अन्य सुविधाओं के लिए शासन ने समय निर्धारित की है। शहर में घूमने वाले बेसहारा मवेशियों के लिए चारे व पानी की शहर में कहीं कोई व्यवस्था नहीं है। सुबह 10 बजे के बाद सभी घरों का दरवाजे बंद हो जाते हैं।
शहर के सभी गलियों और सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। ऐसे में बेसहारा मवेशियों की दिकक्त बढ़ गई है। इन्हें खाने के लिए शहर में न पर्याप्त चारा मिल पा रहा है और न ही पीने का पानी। दोपहर को बेसहारा मवेशी घरों के दरवाजों के पास नजर आते हैं, ताकि कोई उन्हें कुछ खाने के लिए रोटी या खाना उपलब्ध करा दें। बाजारों के पास बेकार में पड़े कचरे व डिब्बों में भोजन तलाशते रहते हैं, लेकिन पर्याप्त भोजन नहीं मिलने से उनकी भूख नहीं मिट पा रही है।

पष्ुाओ के लिए नपा करे पेयजल की व्यवस्था

शहर में गौ रक्षा वाहिनि के जिलाध्यक्ष अनुराग दुबे सुबह-शाम सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा मवेशी, कुत्तों को दो चार रोटी खिला जाते हैं। यह नेक प्रयास मवेशियों की भूख मिटाने के लिए काफी नहीं है। दोपहर को पीने के पानी के लिए तरस जाते हैं। वही नगर पालिका द्वारा शहर के चैक-चैराहों पर कोटना की व्यवस्था नही की गई है, अनुराग कहते हैं कि नगर पालिका द्वारा चैक चैराहो में कोटना का व्यवस्ता की जाती तो आवारा मवेशियों को कुछ राहत मिल जाती। वहीं कुछ जगहों पर चलने वाली टोटियों पर मवेशी पानी पीते हुए नजर आते हैं। कुछ मवेशी तालाब में जाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

फसलो की ओर जा रहे मवेशी

लाकडाउन के चलते शहर के बेसहारा मवेशियों को शहर के भीतर गलियों और चैक चैराहों पर मिलने वाले चारे व खाद्य सामग्रियों से भूख नहीं मिट पा रही है। ऐसे में पिछले कुछ दिनों से शहर के चैक-चैराहों पर घूमने वाले बेसहारा मवेशी शहर से लगे आस पास के खेत खलिहान वाले क्षेत्रों में जाकर वहां वहाँ खेतो में लगे फसल को छती पहुंचा रहे है व खेत के आसपास उगे हरी घास खाकर मवेशी अपनी भूख मिटा रहे हैं।

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