तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
इस कोवीड महामारी में अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने वाले मैदानी स्तर के आर एच ओ साथी अपनी व घरवालों की परवाह किए बिना कोरोना मरीजों से लगातार मिलते हैं । घर तक उनके दवाई पहुंचाते हैं और यहां तक कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और कोवीड महामारी के वैक्सीनेशन में भी आर एच ओ साथियों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर छत्तीसगढ़ को पूरे प्रदेश में चैथा स्थान दिलाया है। बिना 1 दिन के अवकाश लिए बगैर पूरे तन मन धन से कोविड महामारी जब से शुरू हुआ है तब से अपनी सेवाएं निरन्तर दे रहे हैं ।
ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री के द्वारा सभी से यह आग्रह किया गया है कि अपना 1 दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान करें । इस आदेश का स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी विरोध करते हुए अपना किसी भी प्रकार का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में नहीं देंगे । इस सबंध में स्वास्थ्य कर्मियो का कहना है कि महामारी की स्थिति में मुख्यमंत्री के द्वारा अतिरिक्त भत्ता व 50 लाख तक का बीमा देने को कहा गया था, जो कोविड महामारी में कार्य करते हुए। जिनकी मृत्यु होगी उनको भत्ता और 50 लाख का बीमा देने कहा गया था ।
मगर आज तक इतने कर्मचारियों की प्रदेश में मृत्यु हो चुकी है अभी तक किसी को किसी प्रकार का कोई सहायता राशि यहां तक कि बीमा की राशि तक भी नहीं मिली है । ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री के द्वारा ऐसा आहवान करना कि 1 दिन का वेतन अभी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जो किसी अतिरिक्त भत्ता और वेतन के दिन-रात कार्य कर रहे हैं बिना अवकाश के उनसे ऐसा आग्रह करना बहुत ही निंदनीय है ऐसी ऐसी स्थिति में हम ऐसे आदेश का विरोध करते हैं और किसी भी प्रकार का वेतन देने से मना करते हैं हम किसी भी प्रकार का मुख्यमंत्री सहायता कोष में 1 दिन का वेतन नहीं देंगे ।
स्वास्थ संयोजक कर्मचारी संघ जिला कोरिया के अध्यक्ष व प्रवक्ता श्रेयांश जायसवाल व कमलेश खाखा इस प्रकार के आदेश का पुरजोर विरोध करते है और आगे भी करते रहेंगे ।
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