Baikunthpur @ Tahkikat News
कोरोना काल में परिवार की आर्थिक दशा किसी से छिपी है। शिक्षित बेरोजगारो को नौकरी देने के लिए कोरिया जिला प्रशासन के सौजन्य से जिले के सभी पॉचो जनपदो में विशेष भर्ती अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें स्थाई नौकरी देने के नाम पर युवाओं से सिक्योरिटी एजेंसी के द्वारा नौकरी देने के नाम पर युवाओं को ₹10800 की देनदारी भी बता की जा रही है। जब इस संबंध में हमने अधिकारियों से जवाब तलब किया तो उनके द्वारा ₹350 फॉर्म एवं ₹10500 ट्रेनिंग के दौरान जूते कपड़े देने के नाम पर पैंसे लेने की बात कही जा रही है। वहीं पर जब हमने कंपनी के संदर्भ में गूगल सर्च किया तो पाया कि कंपनी अपने आपने सिंगरौली के युवाओं युवाओं द्वारा कई प्रकार की जबरजस्ती एवं पैसे मांगने की खबरें देखी जा सकती है। कंपनी द्वारा अपने कर्मियों से मिसबिहेव की भी बात सामने आ रही है। दूसरी ओर कोरिया जिले में इस विशेष भर्ती अभियान में जिला प्रशासन का नाम अपने साथ जोड़कर लोगों में एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के द्वारा अपनी विश्वसनीयता दिखाने के नाम पर खेल रचा गया प्रतीत होता है। कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के जनपद कार्यालय में विशेष भर्ती अभियान के प्रथम दिवस पर सिर्फ कोरिया से ही नहीं बल्कि पड़ोसी जिले सूरजपुर एवं बलरामपुर से भी कुछ बेरोजगार भर्ती के लिए पहुंचे थे।
भर्ती हिस्सा लिए बगैर वापस लौटे युवक
जहां पर जब हमने भर्ती अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी लेनी चाही तो मौजूद विशेष भर्ती अभियान में हिस्सा लेने आए युवकों ने जब कंपनी के द्वारा सही तरीके से सवाल का जवाब नहीं दिए जाने पर कुछ बेरोजगार युवक बगैर भर्ती में हिस्सा लिया वापस लौट गए। इस दौरान भर्ती में हिस्सा लेने आए युवक सुरेश कुमार राजवाडे व विजेन्द्र कुमार, अमित यादव आदि का कहना है कि जिस तरीके से इनके भर्ती अधिकारियों द्वारा संतुष्टि दायक जवाब नहीं दे पाने के कारण ऐसा लगता है कि कंपनी के द्वारा स्थाई नौकरी के नाम पर निकाले गए पंपलेट एवं अखबारों में ईस्तीहार से युवाओं को भ्रमित करने के उद्देश्य किया गया है।
इन पदो के लिए की जा रही है भर्ती
इस दौरान सिक्योरिटी एजेंसी के द्वारा डॉग हैंडलर कस्टोडियन सुरक्षा जवान, कंप्यूटर ऑपरेटर, सुपरवाइजर, इंस्टेक्टर व भर्ती अधिकारी के लिए निकाले गए भर्ती अभियान में 10वीं से 12वीं तक की योग्यता होने की बात कही गई है एवं वेतन के नाम पर 10 से 18 हजार देने की बात कर युवाओं बताई गई है । वहीं पर 550 पदो पर वैकेंसी निकाली गई है।
अधिकारियो के पास पही है संतुष्दिायक जवाब
हमने कई जिम्मेदार अधिकारियों से इस संबंध में जब चर्चा की तो वे भी इस बात का माकूल जवाब नहीं दे पाए कि इस भर्ती को प्रशासन अपने सौजन्य से होना क्यों बता रहा है। जिस तरीके से जिले में 3 सितंबर से 8 सितंबर तक भर्ती अभियान चलाया जा रहा है उसे देखते हुए जिले के युवा काफी भ्रमित है । इस बारे में यदि भविष्य में युवाओं के किस प्रकार का व्यवहार होगा । क्या कल किसी युवा के कुछ गलत होता है तो फिर उसके लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। जैसा कि इंटरनेट मीडिया में इस सिक्योरिटी एजेंसी के बारे में जानकारी उपलब्ध है।
भर्ती में कोरोना के नियमो की अनदेखी
बैकुंठपुर जनपद पंचायत में भर्ती के दौरान एसआईएस सुरक्षा एजेंसी के द्वारा किसी भी प्रकार की कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा । मौके पर पहुंचने के बाद न तो भर्ती अभियान में आए युवाओं को हैंड सेनीटाइजर कराया जा रहा था और न ही मास्क लगाने की नियमों का कड़ाई से पालन होता नजर आया । अलबत्ता भर्ती अधिकारी भी बगैर मास्क नजर आए । वहीं पर जब इस संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली तो अपने बैग से सैनेटाईजर निकाल कर बाहर रख दिया गया।
वर्जन………
हमारे द्वारा युवाओं को भर्ती कर देश प्रदेश एवं विदेशों तक में काम करने के लिए भेजा जाता है और जो पैसे लिए जा रहे हैं वह वर्दी जूते के लिए लिए जा रहे हैं।
रामप्रकाश बियार – भर्ती अधिकारी एसआईएस एजेन्सी
मुझे इसकी कोई जानकारी नही है कि किसने यहा भर्ती अभियान चलाया है मैं 2 दिनो की छुटटी के बाद आया हॅू। इसकी हांसिल करता हॅू।
अमित कुमार सिन्हा – डिप्टी कलेक्टर व जनपद सीईओ बैकुन्ठपुर
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