कोरोना तीसरी लहर की आषंका के बीच अब डेंगू मार रहा डंक, स्कूलों में कैसे सुरक्षित रहेंगे नौनिहाल……

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Baikunthpur @ Tahkikat News


जिले में स्कूल खोले जाने पर अब अभिभावक विरोध जता रहा है। अभीभावको का कहना है कि प्राथमिक शालाओं में पढ़ने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चे स्कूल पिछले एम महिने से जाना शुरु कर दिया है। शाला संचालन का समय सुबह 10.30 बजे से शाम 2.30 बजे तक याने 4 घंटे का है। इन 4 घंटों में कोरोना और अब डेंगू व वायरल और निमुनिया के कहर से नौनिहाल कैसे सुरक्षित रहेंगे। ऐसे में बच्चों का संक्रमण से बचना मुश्किल जान पड़ रहा है। यही कारण है कि एक बार फिर अब वायरल और निमुनिया के कहर के बाद लोगो ने अपने बच्चो को स्कूल भेजने से मना करना शुरु कर दिया है।

सफाई भी नहीं होती

लोगो का कहना है कि कोरोना काल के चलते करीब दो सालों से स्कूल बंद हैं। कई स्कूलों में साफ-सफाई तक नहीं होती थी स्कूलो के आसपास का वातावरण भी साफ सुथरा नहीं है। वहीं कई स्कूलों के आसपास गंदगी होने से मच्छर बहुत अधिक हैं। जिससे डेंगू का खतरा बना हुआ है। कई स्कूलों की जर्जर हालत होने से छत से पानी रिस रहा है । बरसात होने से क्षतिग्रस्त भवनों के ढहने से लेकर बरसाती पानी से गंदगी और बीमारी फैलने का डर बना रहता है। ऐसी हालात में यदि सात घंटे तक बच्चे मास्क धारण, किए एक-दूसरे से पर्याप्त शारीरिक दूरियों कैसे रख पाएंगे। बच्चे एक-दूसरे के साथ में खेलेंगे, भोजन करेंगे और एक ही टायलेट का उपयोग करेंगे। जिससे संक्रमित होने की संभावना बनी रहेगी। इसलिए जब तक कोरोना और डेंगू पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता तब तक प्राइमरी स्कूल तीन से चार घंटे से ज्यादा संचालित न किए गए ।

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