Baikunthpur @ Tahkikat News
केंद्र सरकार से वाहवाही लूटने वाली छत्तीसगढ़ सरकार की गोबर खरीदी योजना की जमीनी हकीकत धीरे-धीरे सामने आ रही है कोरिया जिले में इन दिनों क्रेशर संचालकों पर जिला प्रशासन के द्वारा सरकारी गोबर खरीदी का दबाव बनाया जा रहा है। क्रेशर संचालकों का कहना है कि गत सप्ताह जिले के सभी क्रेशर संचालकों को जिला प्रशासन ने 20-20 क्विंटल गोबर खरीदी के लिए कहा। जिस पर क्रेसर संचालकों का कहना है कि हम गोबर खरीद कर क्या करेंगे । यह हमारे व्यवसाय से रिलेटेड नहीं है यहां तक कि कुछ क्रेशर संचालकों ने इसके बदले जिला प्रशासन के सामने नगद राशि देने का आफर भी दिया। किंतु जिला प्रशासन इस बात को नहीं माना और बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने क्रेशर संचालकों को बैठक में स्पष्ट कर दिया कि उन्हें हर हाल में गोबरखाद की खरीदी करनी ही पड़ेगी। जबकि क्रेसर संचालकों का मानना है कि जो गोबरखाद उन्हें खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा है वह हकीकत में गोबर है ही नहीं । उसमें गोबर की हल्की मात्रा एवं 85 फिसद मिट्टी और अन्य पदार्थ मिले हुए हैं । जिसको किसान भी अपने खेत में डालने से इंकार कर रहे हैं । इसलिए उनका कहना है कि ऐसे गोबर को खरीद कर हम कहां डम्प करेंगे हमारे पास जगह भी नहीं है । जहां पर हम इस गोबर को उपयोग कर सकें । ऐसे में अब यह विवाद धीरे-धीरे गहराता नजर आ रहा है क्योंकि इस मामले में क्रेशर संचालक संघ अब झुकने को तैयार नजर नहीं आ रहा है । उनका कहना है कि जिला प्रशासन यदि हमारे ऊपर जबरन दबाव बनाने की कोशिश करता है तो भले ही वह हमारे क्रेसर को सील कर दें किंतु इस तरीके का अनंर्गल दबाव के आगे हम नहीं झुकेंगे । वही इस संबंध में हमने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से संपर्क साफ कर उनका पक्ष लेना चाहा किंतु हमें किसी ने कोई जवाब नहीं दिया।
दबाव बनाने के लिए बनाई गई कमेटी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब जिला प्रशासन क्रेसर संचालकों के विरुद्ध आर-पार के मूड में नजर आ रहा है और जिला प्रशासन ने क्रेसर संचालकों के कड़े रुख को अपनी नाक का विषय बनाते हुए जिले के सभी क्रेसरो की जांच के लिए खास तौर पर उनके क्रेसर को जो क्रेसर संघ से जुडे हुए नेताओं के हैं । उनमें जांच के लिए एक कमेटी तैयार कर दिया है जिसमें खनिज विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग सहित कई विभाग के अधिकारियों की एक टीम बना दी गई है जो अगले सप्ताह से इन क्रेसरो की जांच कर उसमें खामिया निकालने का कार्य करेगा । यह बात क्रेशर संचालकों को पता चल गई है इसके बावजूद भी क्रेशर संचालकों ने साफ तौर पर कह दिया है कि हम किसी भी कीमत पर ऐसे अंनर्गल दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। जिला प्रशासन को जो कार्यवाई करना है करें।
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