Baikunthpur @ Tahkikat News
ओमिक्रोन संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच जिले में बीते एक हफ्ते में विदेश से 6 लोग आए हैं। जिसमें से 4 वर्तामान में होम कोरंटिन बताये जा रहे हैं जबकि 2 लोग चिरमिरी से उत्तर प्रदेश जाने की बात बताई जा रही है। इस सबंध में बताया गया कि सात दिन का होम आइसोलेशन पूरा होने के बाद विदेश से लौटने वालों का कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट किया जायेगा। कोरोना के नए ओमिक्रोन वैरिएंट के संक्रमण के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा विदेश से जिले में लौटने वाले लोगों के होम कोरंटिन किया जाना महज औपचारिकता मात्र नजर आ रहा है। दूसरी ओर पिछली लहर के ही तरह होम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विदेश से लौटे लोगों में से 6 की पहचान कर ली गई है। विदेश से लौटकर आने वालों को सात दिन के होमआइसोलेशन में रखा जा रहा है और आठवें दिन इनकी कोरोना जांच कराई जा रही है। इस दौरान जिले प्रतिदिन कोरोना जॉच का लक्ष्य बढाकर 1500 कर दिया गया है।
तीसरी लहर की आशंका के बीच लोग हुए लापरवाह
प्रदेश व देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को लेकर जिला प्रशासन कोविड लहर के दौरान इलाज की समुचित व्यवस्था को परखा रहा है, वहीं, दूसरी ओर लोग महामारी को लेकर अब पूरी तरह से लापरवाह नजर आने लगे हैं। शहर की सड़कों पर 90 फीसदी लोग बिना मास्क नजर आ रहे हैं, केवल 10 फीसदी लोग ही मास्क लगा रहे हैं। लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कोई भी नहीं कर रहा है।
सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं हो रहा पालन
तीसरी लहर को लेकर जहां सरकार की तरफ से बचाव के निर्देश दिए जा रहे हैं तो प्रशासनिक अफसर भी अभी से तैयारी में जुटे हुए हैं। कोरोना की तीसरी लहर से लापरवाह दिख रहे लोग न तो मास्क पहनने को तैयार हैं और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। मास्क तो दूर सेनेटाइजर का इस्तेमाल भी लोग भूल चुके हैं। भीड़ से परहेज करने की बजाय लोग नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए समूह में बाजारों में पहुंच खरीदारी कर रहे हैं। कई लोगों के मास्क भी नाक के नीचे लटके रहते हैं। दुकान तथा बाजार में पहले की तरह ही सामान की खरीद को लेकर आपा-धापी है। शारीरिक दूरी का कोई मतलब यहां नहीं दिखता है।
प्रशासन की ठिल लोग लापरवाही
शहर की सड़कों पर पैदल, दो पहिया और चार पहिया वाहन से आवागमन करने वाले ज्यादातर लोग बिना मास्क के नजर आने लगे हैं। शहर के प्रमुख मार्गाे पर किसी भी समय बिना मास्क के गुजरते लोग नजर आ जाते हैं। वहीं, प्रशासन ने मास्क को लेकर चालानी कार्रवाई भी बंद कर दी है, इस वजह से लापरवाह लोग और ज्यादा लापरवाही कर रहे हैं। चालान के डर से ही सही, लोग मास्क लगाए रहते थे, जिससे न केवल वे सुरक्षित थे, बल्कि उनके संपर्क में आने वाले लोग भी सुरक्षित रहे। लेकिन अब बिना मास्क के दूसरों के संपर्क में आने वाले लोगों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ रही है।
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