क्षेत्र में पड रही शीतलहर में जहा लोगो को अपना बचाव करना मुष्किल हो गया है वही पर इस काडाके की ठंड में पशुओ की जान बचाने के लिए गौरक्षा वाहिनि के जिलाध्यक्ष अनुराग दुबे ने अपने खर्चे पर जानवरो की जान बचाने के लिए अलाव समेत अन्य साधन उपलब्ध कराये हैं। इस सबंध में अनुराग दुबे का कहना है कि इस कड़ाके की ठंड में आम इंसान के साथ साथ इन बेजुबानो को भी बहुत ही दिक्कत होती है इसी के लिए हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी इन बेसहारा बेजुबान को ठंड से बचाव के लिए जहां भी मेरी निगरानी में सैकडो गौ वश रहते हैं वहां पर मैंने इन बेजुबानो लिए अलाव आग चलाने की व्यवस्था की है आप सभी पषुपालको से भी यही हाथ जोड़कर के सादर अनुरोध है कि आप अपनी सुविधा अनुसार जहां पर भी आप गोपालन करते हैं वहां पर इन गौवंश के लिए भी ठंड से बचाव के लिए आग जलाने की व्यवस्था जरूर करें ।
ठंड से बचाने पशुओं को गुड़, दाने के साथ गर्म चीजें खिलाए
कड़ाके की सर्दी दुधारू जानवरों की सेहत खराब कर रही है। दूध का उत्पादन कम हो रहा है, पशुपालक परेशान हैं। पशु चिकित्सको का कहना है कि पशुपालकों से जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए विशेष सलाह दी है। पशु चिकित्सको ने बताया कि गलन व कड़ाके की सर्दी से बचाने के लिए पशुओं का मनुष्य की तरह ध्यान रखना आवश्यक है। खासकर दूध देने वाले जानवरों की विशेष देखभाल करने की आवश्यकता है। दूध देने वाले जानवर को हरा चारा कम और भूसा अधिक खाने को दिया जाए। इसके अलावा गाय को गुड़ व सरसों का तेल देना चाहिए। दूध देने वाले जानवरों को बंद व सुरक्षति स्थान पर बांधें। उनके शरीर पर बोरी डाल देना चाहिए। जानवर के चारे में थोड़ा सा नमक, खड़िया मिला देना चाहिए। तापमान में गिरावट आने से पशुओं में संक्रमण हो जाने से बीमार होने का अंदेशा बना रहता है। कई बार बीमारी बढ़ने पर पशु की मौत भी हो जाती है।
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