कोरिया जिले में पक्षीराज ट्रेवल्स की आधा दर्जन बसे अवैध तरीके से छत्तीसगढ़ प्रवेश कर रही हैं,जो प्रतिदिन मनेंद्रगढ़ केल्हारी बस स्टैंड से अनूपपुर डिंडोरी शहडोल रीवा संचालित की जा रही हैं प्रतिदिन शाम 6 बजे से आकर रात्रि 11 बजे तक छत्तीसगढ़ में यह बसें खड़ी रहती हैं और भोर में 5 बजे 8 बजे तक वापस मध्यप्रदेश चली जाती हैं इन बसों के अवैध संचालन से छत्तीसगढ़ सरकार को लाखों रुपए के राजस्व की क्षति हो रही है शहडोल के बस मालिक मालामाल हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों ट्रेनों की आवाजाही कम होने से बस मालिकों के दिन फिर आए हैं मिली जानकारी के अनुसार अनूपपुर बुरहार शहडोल राजेंद्र ग्राम डिंडोरी सतना रीवा चाकघाट तक लगभग आधा दर्जन अवैध बस पक्षीराज नामक कंपनी की हो रही हैं, जिनकी शिकायत लगातार जिले के आला अधिकारियों से की जाती है किंतु बस मालिक से मिलने वाली मोटी धनराशि के आगे यह अधिकारीगण किसी भी कार्रवाई से बच रहे हैं यात्री जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं वही छत्तीसगढ़ प्रदेश को इन बस संचालकों से मिलने वाली राजस्व की भी क्षति हो रही है, देर रात यह बस मालिक अपनी बसों को लाकर मनेंद्रगढ़ बस स्टैंड के इर्द-गिर्द छुपा कर खड़ा कर देता है बस मालिक और उसका एजेंट इन बसों को बड़े सवेरे से भेजना शुरू कर देता है और 8 बजे तक सभी बसें छत्तीसगढ़ छोड़कर मध्य प्रदेश की तरफ चली जाती हैं या सिलसिला पिछले 10 साल से जारी है
शहर की सुरक्षा में उठ रहे हैं सवाल
समय रहते ही यदि जिला प्रशासन इन अवैध संचालित बसों पर अंकुश नहीं लगाता तो वह दिन दूर नहीं कि मध्य प्रदेश से अवैध कारोबारी अथवा अपराधी प्रवृत्ति के लोग छत्तीसगढ़ में प्रवेश करेंगे और शांत और सौम्य शहर में अपराध घटित कर अपने कार्य को अंजाम देंगे
राजस्व की चोरी
बस स्टैंड में चर्चा के दौरान एक बस मालिक ने जानकारी देते हुए बताया कि इन बस मालिकों के द्वारा प्रत्येक महीने एक बस से लगभग ₹35000 की छत्तीसगढ़ के कर की चोरी की जा रही है यह संचालक आरटीओ कार्यालय थानों में अपनी तगड़ी दखल रखता है माह के 29 व 30 तारीख को यह कोरिया जिले में आकर जिम्मेदार अधिकारियों से मिलजुल कर चला जाता है यह सिलसिला पिछले 10 सालों से चल रहा है,पक्षीराज कंपनी की लगभग 8 बसे एसईसीएल में भी अनुबंधित हैं वेब से प्रतिदिन सेंट्रल स्कूल और शहर के अन्य प्राइवेट स्कूलों में एसईसीएल श्रमिकों के बच्चों को लाने ले जाने का काम करती हैं उनके द्वारा भी छत्तीसगढ़ का किसी भी तरह का कर नहीं जमा किया जा रहा है अधिकारियों की मिलीभगत से चल रही पक्षीराज बस के कारण छत्तीसगढ़ सरकार का भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
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