पढ़ना लिखना अभियान के अंतर्गत निरक्षरों को साक्षर किया जा रहा है। इस अभियान के दूसरे चरण में जिले के 1718 निरक्षरों को साक्षर किया जाएगा। इन प्रौढ़ विद्यार्थियों के आंकलन हेतु 27 मार्च को होने वाला महापरीक्षा अभियान अब 30 मार्च को आयोजित किया जायेगा। कोरिया जिले में वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान यह बात सामने आई कि जिले में अभी भी करीब 18 फीसद लोग निरक्षर है। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा निरक्षरों को साक्षर करने पढ़ना लिखना अभियान की शुरूआत की गई। उक्त अभियान के अंतर्गत भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान नई दिल्ली की पहल पर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा निरक्षरों को साक्षर किए जाने का लक्ष्य दिया गया है।
जिसमें 15 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग के निरक्षरों को शामिल किया गया। सालभर पहले कराए गए । इन निरक्षरों को स्वयं सेवी शिक्षकों के माध्यम से अक्षर ज्ञान देने के साथ ही अध्यापन कराया जा रहा है। दूसरे चरण में शेष 1817 लोगों को साक्षर किया जाना है।
इन प्रौढ़ विद्यार्थियों के आंकलन हेतु जिले में 30 मार्च को महापरीक्षा अभियान आयोजित की गई है। महापरीक्षा अभियान की तैयारी शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। परीक्षा का समय सुबह 10 से शाम पांच बजे तक निर्धारित है। परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र हल करने के लिए तीन घंटे का समय दिया जाएगा।
परीक्षार्थी सुविधानुसार उक्त समय के भीतर आकलन परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। पढ़ना लिखना अभियान की समय सीमा पहले जुलाई महीने तक निर्धारित थी लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इसकी समय सीमा 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दी गई है।
वर्ष 1990 में शुरू हुआ साक्षरता अभियान
अभिभाजित सरगुजा जिले में साक्षरता अभियान की शुरूआत वर्ष 1990 में की गई थी। यह अभियान वर्ष 1994 तक चला। इसके बाद वर्ष 1995 से 1998 तक उत्तर साक्षरता अभियान चलाया गया। जिसमें छूटे हुए लोगों को साक्षर किया गया।
वर्जन…….
पढ़ना लिखना अभियान के अंतर्गत निरक्षर लोगों को साक्षर बनाया जाना है। इस अभियान के दूसरे चरण में जिले के 1817 लोगों को साक्षर किया जाएगा। इसके लिए 27 मार्च को महापरीक्षा अभियान अब 30 मार्च को आयोजन किया जायेगा।
संजय गुप्ता – जिला शिक्षा अधिकारी, कोरिया
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