कोरिया जिला मुख्यालय बने 2 दशक से अधिक हो गये है किन्तु आज भी शहर के कई वार्डो समेत शहर के करिब के आसपास के ग्रामिण क्षेत्रो में एैसे बहुत सारे मोहल्ले हैं जहां फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस तक नहीं घूस सकता है। शहर सहित आसपास के दर्जनो बस्तियां इतनी सघन है कि जहा यदि आगजनी जैसे हालात बने तो इससे निपटना प्रशासन के लिए मुश्किल हो जाएगा। इलाके में कई सघन बस्तियां है। जहां भीतरी रास्ते बहुत सकरे हैं। यहां चार पहिया वाहन बमुश्किल ही पहुंच पाते हैं, हालांकि गली-गली में सीसी सड़क बनने से बहुत से स्थानों पर चार पहिया वाहनों के लिए रास्ते आसान हुए हैं, पर जहां चार पहिया के पहुंच मार्ग नहीं है, उनकी संख्या कहीं ज्यादा है। एक ओर जहा शहर में शुरू में अवैध कब्जा कर तेजी से बस्ती बस्तियों पर ध्यान नहीं दिया, और आज बस्तियों ने बड़ा रुप ले लिया है। इन बस्तियों के भीतर दमकल वाहन, एम्बुलेंस व अन्य आपातकालीन सुविधा पहुंचने में दिक्कत होगी। मार्गदर्शन रोड, गडनिया, प्रेमाबाग, जामपारा, खुटनपारा, कंचनपुर, हररापारा, सागरपुर, रामपुर, आनी, भाडी, सहित आसपास की दर्जनो सघन बस्ती है।
2024 तक करना है झुग्गी मुक्त
केंद्र सरकार की योजना के तहत 2024 तक पूरे क्षेंत्र को झुग्गी मुक्त करना है। इस योजना के तहत पीएम आवास बनाए जा रहे हैं। पीएम आवास योजना में कधो मकानों को पक्का बनाने के लिए लोन दिया जा रहा है, हालांकि बैकुन्ठपुर में इस योजना की रफ्तार काफी धीमी है, इसलिए 2024 तक झुग्गी मुक्त हो पाना असंभव है।
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