भाजपा नेता व पूर्वमंत्री भैया लाल राजवाडे ने कहा है कि जनता का आक्रोश और सरकार की असलियत सामने आने से घबराये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भेंट मुलाकात अब प्रायोजित कार्यक्रम में बदल गया है। मुख्यमंत्री जन सामान्य का सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे इसलिए अब पहले से ही तय लोगों को उनकी चौपाल में पेश किया जा रहा है। वह जनता मुख्यमंत्री के सामने सवाल नहीं कर सकती जो मुख्यमंत्री को उनकी सरकार की सूरत दिखाना चाहती है।
उन्होने कहा कि सूरजपुर में एक दुखियारी बेटी ने जिस साहस के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अप्रत्याशित रूप से उनकी सरकार की असलियत बता दी और मुख्यमंत्री ने जिस तरह उस बेटी पर धौंस दिखाई, वह छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश ने देख लिया कि कांग्रेस ने किस मिजाज के शख्स को मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठा रखा है। एक तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी कहती हैं कि लड़की हूं, लड़ सकती हूं। दूसरी तरफ यूपी चुनाव में उनके ओएसडी की ड्यूटी पर तैनात रहे बघेल अपने राज्य की बेटी को धमकाते हुए कहते हैं कि ए लड़की नेतागिरी मत कर।
यह सबने देख लिया तो भूपेश बघेल के मुलाकात मैनेजरों को समझा दिया गया कि इस तरह कोई भी भूपेश बघेल की कलई न खोलने पाये। भूपेश बघेल को उस वाकये से सांप सूंघ गया है। भूपेश बघेल जानते हैं कि राज्य सरकार से जनता बुरी तरह त्रस्त है और आक्रोश से उबल रही है। इसलिए अब भेंट मुलाकात को दिखावटी मजमे का रूप दे दिया गया है। आयोजन प्रायोजन मंडली को हुक्म दिया गया है कि भूपेश बघेल से वही बात करेगा जो उनके हिसाब से बात करे।
अब भूपेश बघेल कितने भी जतन कर लें, चौपाल में केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एंट्री करवा लें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। विधायकों का रिपोर्ट कार्ड बताने वाले बघेल को जनता ने उनका खुद का रिपोर्ट कार्ड दिखा दिया है। भूपेश बघेल की विदाई सुनिश्चित है। कांग्रेस नेतृत्व कितने दिन भूपेश की कुर्सी बचा पायेगा। अगले साल के आखिरी समय में जनता उनको सड़क पर लाने तैयार है।
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