BAIKUNTHPUR @ Tahkikat News……… Develop BY ASHOK SINGH
इस संबंध में बैकुंठपुर कोरिया जिले के गौ रक्षा वाहिनी के जिला अध्यक्ष व पुरे मामले को सामने लाने वाले अनुराग दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि बड़े अचरज एवं शर्मिंदगी की बात है कि एक और जहां मरीजों को महंगी और जीवन रक्षक दवाओं दवाएं जिला अस्पताल में नहीं देकर प्राइवेट दुकानों से दवा लिखी जाती हैं । वहीं दूसरी ओर इतनी महंगी दवाइयों का बड़ी मात्रा में एक्सपायरी होना जिला अस्पताल प्रबंधन की हालत को बताने के लिए पर्याप्त है कि वहां पर क्या चल रहा है उन्होंने बताया कि मुझे भी देख कर बड़ा आश्चर्य हुआ कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयां नगरपालिका बैकुंठपुर के तलवापारा स्थित एस एल आर एम सेंटर में क्यों पाई गई है उन्होंने कहा कि इस मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए एवं जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जानी चाहिए । बेहतर होगा कि जिला अस्पताल की कुरीतियों पर लंबे समय से पर्देदारी करने वाले जिम्मेदारों पर वर्तमान स्वास्थ्य विभाग का प्रबंधन जांच कर उचित कार्रवाई करें । क्योंकि अक्सर या देखने में आया है कि सब एक दूसरे को बचाने में लगे रहते हैं और कोई कार्रवाई नहीं की जाती है लगातार कुछ कर्मचारियों एवं अधिकारियों के मिलीभगत से इस तरीके के कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है जो कदापि बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है आने वाले समय में इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री को लिखित में की जाएगी।
अनुराग दुबे ने कहा कि बैकुंठपुर जिला अस्पताल का निकला हुआ मेडिकल वेस्ट कचरा नियम विरुद्ध तलवापारा एसएलआरएम सेंटर में ऐसे ही खुले में फेंका जा रहा है इन वेस्टेड कचडो में इंसान के शरीर के कटे-फटे अंग खून से सनी मलमपट्टी इंजेक्शन की सुई और एक्सपायरी दवाई ऐसे ही खुले में फेंक दिया जा रहा है इसके पहले भी कई बार मीडिया में खबर आने के बाद भी अस्पताल प्रबंधक नगरपालिका की ट्रैक्टर से यह कचरा डंपिंग सेंटर में डंप कर रहा है जबकि यह है मेडिकल वेस्टेज कचरा को तत्काल डिस्पोजल करने का नियम है पर पूरे नियम ताक में रखकर के अस्पताल प्रबंधक यह मेडिकल कचरा को ऐसे ही खुले में फेंक रहा हैं।
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