आज से काली पटटी लगा कर रहे विरोध…..नही माने तो 1 जून से हडताल
छत्तीसगढ़ प्रदेश सहकारी कर्मचारी संघ के द्वारा गत 9 मई को रायपुर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के पश्चात प्रदेश सरकार के द्धारा कोई कार्यवाई नही किये जाने से नाराज सहकारी समितियो के कर्मचारीयो ने आज सोमवार से 27 मई तक काली पटटी लगाकर कार्य करने का निर्णय लिया हैं । इसके बाद भी यदि मांगे नही मानी गई तो फिर 1 जून से प्रदेश की सभी समितिया हडताल पर चले जाने का निर्णय ले चुके हैं जिससे आगामी सीजन में किसानी का कार्य पूरी तरह से ठप्प पड सकता है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश सहकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने बताया कि प्रदेश की 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत लगभग 13 हजार कर्मचारियों की मांगे वर्षों से लंबित पड़ी हुई है । बार-बार चेतावनी देने के बाद भी जब शासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की तो मजबूरन आज से हमें काली पट्टी लगाकर काम करने को विवश होना पड़ा । उन्होंने बताया कि तीन प्रमुख मांगो को लेकर प्रदेश भर में सभी सहकारी समितियों में काली पट्टी लगाकर कार्य किए जा रहे हैं ।
ये हैं 3 सूत्रिय मांग
मांगों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को नियमितीकरण किया जाए । सरकारी कर्मचारी की भांति नियमित वेतनमान दिया जाए । सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए। प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों के रिक्त पदों पर समिति के समस्त कर्मचारियों को संविलियन के माध्यम से किया जाए । प्रदेश के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाये ।
01 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल
उपरोक्त तीनों मांगों को शीघ्र पूर्ति नहीं किए जाने पर पूरे प्रदेश में 22 मई से 27 मई तक समितियों में कार्यरत कर्मचारियों के द्वारा काली पट्टी लगाकर इसके विरोध स्वरूप कार्य किया जा रहा है। जिसकी शुरुआत आज से हुई । वहीं पर उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 1 जून से सभी समितियों कोई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे । जिससे प्रदेश के 30 लाख कृषक परिवार प्रभावित होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी ।
100 साल के बाद भी नही न्याय का इंतजार
सहकारिता का गठन 1919 में किया गया था बड़ी विडंबना है कि देश को आजाद हुए आज 75 साल बीत गए पर आज भी हम किस के कर्मचारी हैं सहकारी समिति में कार्यरत कर्मचारी किस विभाग के अधीनस्थ है समझ से परे है पूरा काम लेती है। जिला प्रशासन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और कहती है कि हमारे आप कर्मचारी नहीं हैं। जिस प्रकार सहकारिता विभाग में कार्यरत लघुवन उपज सहकारी समिति का छत्तीसगढ़ शासन कर्मचारी मानते हुए उनको वेतन अनुदान दिया जा रहा है उसी प्रकार सहकारी समिति में कार्यरत कर्मचारियों को भी नियमितीकिया जाने की मांग की जा रही है।
कांग्रेस ने नही निभाया वादा
छत्तीसगढ़ प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारियों के द्वारा नियमितीकरण, समान काम समान वेतन को लेकर गत दिनो प्रदेश भर से हजारों की संख्या में छत्तीसगढ़ प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ के साथ एकत्र होकर कांग्रेस के घोषणा पत्र में किए गए उनके वादों को याद दिलाने के लिए रायपुर में जमा हुए थे। उन्होने कांग्रेस को याद दिलाया कि कैंसे विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने वादा करते हुए कहा था कि छत्तीसगढ़ में यदि कांग्रेस सरकार बनती है तो 10 दिन में नियमितीकरण किया जाएगा । क्या कांग्रेस सरकार के 10 दिन अभी नही हुए हैं।
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