भाजपा लगा रही है जिसने ‘चंदा दो धंधा लो’ और ‘हफ़्ता वसूली अभियान’ के तहत हज़ारों करोड़ का चुनावी बॉण्ड
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर ईओडब्ल्यू-एसीबी की कार्रवाई पर बैकुंठपुर के राजीव भवन में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने स्वीकार कर लिया कि वो राजनांदगांव संसदीय सीट हार रही है, इसीलिए ईओडब्लू से हमारे मुख्यमंत्री के खिलाफ महादेव एप मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। भाजपा मान रही है कि कांग्रेस के वजह से छत्तीसगढ़ की बाकी सीटों पर भी चुनाव परिणामों पर असर पड़ेगा, इसीलिए कांग्रेस को बेवजह बदनाम करने का षडयंत्र रच रही है। इसके लिए भाजपा अपने चरित्र के अनुरूप केंद्रीय एजेंसी ईडी और राज्य की एजेंसी ईओडब्लू का हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि एफआईआर में नाम जिस तरह से शामिल किया गया है, वह कानूनी रूप से गलत है और यह दर्शाता है कि मेरा नाम सिर्फ़ राजनीतिक कारणों से शामिल किया गया है। मेरे कार्यकाल में ही महादेव ऐप की जांच शुरू हुई थी और गिरफ़्तारियों का सिलसिला शुरू हुआ था। कांग्रेस ने ही गूगल को पत्र लिखकर महादेव ऐप को गूगल प्ले स्टोर से हटाया था। कांग्रेस की सरकार ने कार्रवाई शुरू की और हम पर ही इसे संरक्षण देने का आरोप लगाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि यह भाजपा के चरित्र को भी दिखाता है।
चंदा दो धंधा लो और हफ़्ता वसूली अभियान
यह आरोप वह भाजपा लगा रही है जिसने चंदा दो धंधा लो और हफ़्ता वसूली अभियान के तहत हज़ारों करोड़ का चुनावी बॉण्ड अपने खाते में जमा करवाए। यह वही भाजपा है कि जिसमें देश के सबसे बड़े लॉटरी का धंधा करने वाली कंपनी फ़्यूचर गेमिंग से 1368 करोड़ रुपए चुनावी चंदे के रूप में लिए हैं। एक बड़ा सवाल यह है कि पहले को मेरी सरकार पर महादेव ऐप को संरक्षण देने का आरोप था, पर महादेव ऐप तो अभी भी चल रहा है तो सवाल यह है कि हमारी सरकार हटने के बाद इसे कौन संरक्षण देता रहा, नरेंद्र मोदी की सरकार या विष्णुदेव साय की सरकार?

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