जिला अस्पताल के सभा कक्ष में के.बी. पटेल कॉलेज एवं नर्सिंग, सरभोका के नर्सिंग छात्राओ ने मरीजों के दिन-रात सेवा, आपातकाल में उनकी मदद के लिए हरदम तैयार रहने के सम्बंध में बहुत ही प्रेरणादायी गीत, नृत्य प्रस्तुत की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती डॉ.एकता लंगेह ने कहा कि किसी भी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में नर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होते हैं। जिस तरह से मरीजों की सेवा, स्वास्थ्य की देखभाल, सहयोग, समर्पित भाव से करते हैं वह सचमुच सराहनीय है। डॉ. लंगेह ने नर्सों को सम्मान करते हुए कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर जिले के सभी नर्सों को बधाई देती हूँ, जो मानव सेवा, मरीजों, दुखियों की सेवा के लिए दिन-रात जुटी रहती है। सभी नर्सों को उनके चुनौती पूर्ण कार्य के लिए सलाम करती हूँ। इसके पहले उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डो का निरीक्षण किए, मरीजों से बातचीत किए और फ्रूट पॉकेट का वितरण भी किए।
नर्सिंग छात्राओं ने सन 1853, 1890, 1975, 1960, 1995, 2004 व 2012 तक नर्सो के पहनावे में आए बदलाव पर जानकारी दिए साथ ही नृत्य व गीतों के माध्यम से मरीजो, रोगियों की सेवा भाव को प्रदर्शित भी किए।
बता दें नोबल नर्सिंग सेवा की शुरुआत करने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्म दिवस पर हर साल दुनिया भर में 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के रूप में मनाया जाता है। फ्लोरेंस का जन्म 12 मई सन् 1820 को हुआ था। जिंदगीभर बीमार और रोगियों की सेवा करने वाली फ्लोरेंस का अपना बचपन बीमारी और शारीरीक कमजोरी की चपेट में रहा। फ्लोरेंस नाइटेंगल के बारे में कहा जाता हैं, कि वह रात के समय अपने हाथों में लालटेन लेकर अस्पताल का चक्कर लगाया करती थी। उन दिनों बिजली के उपकरण नहीं थे, फ्लोरेंस को अपने मरीजों की इतनी फिक्र हुआ करती थी कि दिनभर उनकी देखभाल करने के बावजूद रात को भी वह अस्पताल में घूमकर यह देखती थी कि कहीं किसी को उनकी जरूरत तो नहीं है।
नर्सिंग छात्राओं ने मरीजों को बेहतर इलाज, आपात समय में उपचार, जांच आदि कार्यों में डॉक्टरों की सहायक के रूप में कार्य करते हैं।
इस कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.एस. सेंगर, सिविल सर्जन डॉ. आर.पी. बंसरिया, नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य प्रियांशु सिंह थॉमस सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग विभाग के अधिकारी, कर्मचारी व नर्स उपस्थित रहे।





+ There are no comments
Add yours