बैकुंठपुर में सहकारिता विभाग और सुरजपुर में अलग अलग मापदंडो पर सवाल

सूरजपुर के शिवप्रसाद नगर समिति में एैसे ही मामले में कई पर एफआईआर दर्ज

बैकुंठपुर के अमरपुर निवासी सिद्धनाथ गोयन ने पंजीयक कार्यालय सहकारी संस्थायें नया रायपुर को पत्र सौपकर सहकारी समिति धौराटिकरा के प्रबंधक द्वारा गौपालन, भैस पालन, ऋण प्रकरण में शासन द्वारा जारी निर्देश को दरकिनार कर मानक साख सीमा से अधिक ऋण वितरण के शिकायत बाद बैकुंठपुर में पदस्थ सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं कोरिया विजय कुमार उइके द्वारा दोषी को संरक्षण प्रदान करने की लिखित शिकायत किया है। शिकायतकर्ता ने कहा कि दिनांक 21.11.2023, 11.12.2023, 20.12.2023 एवं 01.04.2024 को मेरे द्धारा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अम्बिकापुर प्रक्षेत्र बैकुंठपुर अंतर्गत सहकारी समिति धौराटिकरा प्रबंधक अजय साहू द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22 में गौपालन / भैसपालन के ऋण प्रकरण में शासन द्वारा जारी निर्देशों, बैंक द्वारा जारी ऋणमान तथा बैंकिग नियमों का उल्लंघन करते हुए कूट रचित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने चहेतों और करीबियों को (समान-समान राशि) अनुचित लाभ पहुंचाएं जाने का लिखित शिकायत मेरे द्वारा संदर्भित दिनांकों को कलेक्टर कोरिया को करने के पश्चात् (31 प्रति संलग्न), उक्त शिकायत का जांच करने हेतु सहायक पंजीयक विजय कुमार उइके सहकारी संस्थाएं बैकुंठपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया । जिस पर मेरे द्वारा पुनः दिनांक 20.12.2023 को पत्र प्रेषित कर उक्त जांच जांच से पृथक करने हेतु आपत्ति दर्ज किया था एवं निष्पक्ष, न्यायप्रिय अधिकारी से जांच करने का मांग किया था । किन्तु विभागीय अधिकारियों के उदासीनता के कारण आज दिवस तक उक्त फर्जी ऋण वितरण के संबंध में (लगभग दो करोड़) जांच कर दोषियों के प्रति कोई सकरात्मक व ठोस कार्यवाही नहीं की जा सकी है। जिसका जांच करवाकर प्रतिवेदन के आधार पर न्याय संगत कार्यवाही किया जाना क्षेत्रीय किसानों के हित में होगा।

दो जिलो में अलग अलग मापदंड पर सवाल

शिकायतकर्ता ने कहा कि पड़ोसी जिले सूरजपुर, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक भैयाथान अंतर्गत सहकारी समिति शिवप्रसाद नगर में ठीक इसी प्रकार गौपालन / भैस पालन ऋण प्रकरण में 1,88,59000 रूपये (एक करोड़ अठयासी लाख उनसठ हजार रूपये) का अनिमियता पाए जाने पर थाना झिलमिली में अपराध दिनांक 04.01.2023 में 03 दोषी आज भी संभवतः न्यायिक अभिरक्षा में है। शिकायतकर्ता ने कहा कि एक जैसे मामले में दो अलग अलग न्याय कैसे हो सकता है।

संभाग में सर्वाधिक 2 करोड़ का ऋण बांटा

शासन द्वारा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने व गौ पालकों के आर्थिक उन्नति के उद्देश्य से सहकारी समिति के माध्यम से एक प्रतिशत ब्याज दर पर के.सी.सी. ऋण उपलब्ध कराने की योजना में घोटाले की बात शिकायतकर्ता द्धारा कहा जा रहा है । शिकायतकर्ता ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने व गौ पालकों के आर्थिक उन्नति के उद्देश्य से सहकारी समिति के माध्यम से एक प्रतिशत ब्याज दर पर के.सी.सी. ऋण उपलब्ध कराने की योजना में प्रत्येक गौ पालक को एक दुधारू गाय पर 25,750 रूपये प्रति गाय के मान से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। ऋण वितरण के पूर्व जिसका स्थल निरीक्षण समिति प्रबंधक को करना आवश्यक होता है, किन्तु समिति धौराटिकरा के समिति द्वारा ऐसा नही किया गया। सिर्फ इस समिति से सरगुजा संभाग में सर्वाधिक लगभग 2 करोड़ का ऋण वितरण किया गया है।

ऋण माफी के चक्कर में रचा पूरा खेल

शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठिक पहले ऋण माफी के चक्कर में पूरा खेल रचा गया था। अब ऋण बांटने वाले सभी जिम्मेदार को सरकार बदलते का अनुमान ही नही था । यही कारण है कि समय से इस की राशि वसूली नहीं हो सकी है । शिकायतकर्ता ने कहा कि ऋण माफी हो जाये और कृषकों को पता ही ना चले की उनके नाम से ऋण निकला है। इस कार्य में इन्हें सहकारी बैंक शाखा बैकुंठपुर व सहकारिता विभाग के जिला अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, बैंक के शाखा प्रबंधक तो इनके ऋण देने वाले के रिश्तेदार ही हैं।

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