छत्तीसगढ़ शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय ने अम्बिकापुर की घटना के बाद प्रदेश के सभी शासकीय चिकित्सालय में उपचार करा रहे व्यक्तियों के फोटोग्राफी व विडियोग्राफी रोके जाने के आदेश दिये हैं। शासन ने जारी पत्र में अस्पतालो से कहा है कि एक उप स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर या नर्स की अनुपस्थिति में बच्चे के जन्म के संबंध में एक समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार पर उच्च न्यायालय द्वारा जनहित याचिका पर पारित आदेश में कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए अंबिकापुर की उक्त घटना बाबत् ऑन-लाईन वायरल हो रहे विडियो को प्रसारित होने से तत्काल रोकने के निर्देश दिये हैं। यही कारण है कि अब प्रदेश में किसी भी सरकारी अस्पताल में किसी के भी द्धारा फोटो व विडियोग्राफी पर रोक लगाने को कहा गया है। कहा गया है कि वीडियो फोटो वायरल होने से महिलाओ की सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान को नुकसान पहुँचता है। इससे उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
आदेश में कहा गया है कि सभी अस्पतालो को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम सभी की निजता का सम्मान करें और उनके व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन न करें। समाज में एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए यह आवश्यक है कि हम इस प्रकार के कृत्यों से बचें और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करें। अस्पताल प्रबंधको को निर्देश देते हुए कहा गया है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त
कलेक्टर कोरिया ने जिला चिकित्सालय में शासन की योजनाओं के समुचित एवं सफल क्रियान्वयन तथा उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं के मॉनीटरिंग हेतु डिप्टी कलेक्टर प्रियंका रानी गुप्ता को नोडल अधिकारी एवं नायब तहसीलदार सिराज अहमद को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियमित रूप से जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर समुचित निगरानी एवं अतिरिक्त नव निर्माणाधीन जिला चिकित्सालय भवन के निर्माण एजेन्सी से समन्वय स्थापित करते हुए गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्य सुनिश्चित करायेंगे।

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