सीएस डॉ. आयुश जायसवाल और सलाहकार प्रियंका कुरील की निगरानी में पक रहा भोजन

बैकुंठपुर।

कोरिया जिला मुख्यालय में लगता है सत्ता परिर्वतन के बाद जिला अस्पताल बैकुंठपुर की फिजा बदलनी शुरु हो गई है। कुछ महिनो पहले जहा अव्यवस्था की शिकार हो चुके जिला अस्पताल अब हौले हौले पटरी पकडने लगी है। इसके लिए बैकुंठपुर विधायक प्रदेश के पूर्वमंत्री भइयालाल राजवाडे की पिछले 6 महिनो से लगातार मेहनत को नजर अंदाज नही किया जा सकता है। जिसका परिणाम आज सामने दिख रहा है।
मंगलवार को जब जिला अस्पताल अधिक्षक डॉ आयुश जायसवाल और जिला अस्पताल सलाहकार प्रियंका कुरित महिलाओ को पोषण आहार का जायजा लेने किचन की निगरानी करते मिले। पुछने पर बताया गया कि मशरुम की सब्जी बाई जा रही है। इस दौरान सीएच डॉ. जायसवाल ने बताया कि अस्पताल में भर्ती 27 गर्भवती महिलाओं को सुबह नाश्ते में इडली, सांभर, लंच में एचएमटी चावल रोटी और पनीर तथा मशरूम की सब्जी दी जा रही है। वहीं सामान्य मरीज को भी नाश्ता में इडली सांभर और मौसमी फल, अंडा, दूध दिया जा रहा है। मेनू के अनुसार मरीजों को दिए जाने वाले भोजन व नाश्ते के लिए स्वास्थ्य विभाग सजग नजर आ रहा है और मरीजों को पहले से बेहतर भोजन व नाश्ता मिले उसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
विदित हो कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल डेढ महिने पूर्व जिला अस्पताल बैकुंठपुर के निरिक्षण पर बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाडे को साथ लेकर आये थे और किचन से लेकर अन्य चीजो की व्यवस्था सुधारने की चेतावनी देकर गये थे। दूसरी ओर विधायक भइयालाल राजवाडे ने विधानसभा से लेकर जिला अस्पताल तक जूझते नजर आ रहे हैं।
सीएस डॉ. आयुश जायसवाल ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को अब पहले से बढ़िया और प्रोटीनयुक्त खाना मिल रहा है। मेनू के अनुसार भर्ती मरीजों को खाना मिल रहा है मरीजों को अस्पताल में प्रोटीनयुक्त खाना नहीं मिलने की शिकायत अक्सर सामने आती थी इसे देखते हुए अस्पताल में व्यवस्था की गई है।

कम उम्र में शादी व एनिमिया है कारण

गर्भवती महिलाओं को विशेष पौष्टिक आहार अस्पताल में देने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि जिले में अभी भी कम उम्र में शादी कर दी जाती है। इसके बाद महिला जब गर्भवती होती है तो उसे घर में वह पूरक पोषण आहार नहीं मिल पाता जिससे वह गर्भस्थ शिशु को भी स्वस्थ रख सके इसकी वजह से अधिकांश महिलाएं एनिमिक हो जाती हैं। जिससे कई बार महिला व शिशु की मौत भी हो जाती है। ऐसी महिलाएं जब अस्पताल पहुंचेंगी तो उन्हें एडमिट कर उन्हें पौष्टिक आहार दिया जाएगा जिससे वे कुछ स्वस्थ हो सकेंगी।

लिक्विड डाइट भी मिलेगा


बीमारी के अनुसार मरीजों को लिक्विड डाइट मिलेगा। सुबह नाश्ते में दूध, दाल का पानी, चावल का मांढ टमाटर सूप, मिक्सवेज, मटर सूप, सोया, लौकी, छाछ और मौसमी फल का रस सप्ताह वार मिलेगा। मरीजों के भोजन में उपयोग की जाने वाली तेल, मसाला, नमक सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार डालना होगा।

लिब्री आफिसर की रहेगी मॉनिटरिंग

मरीजों को खाना खिलाने के पहले खाना की क्वालिटी परखने के लिए लिब्री आफिसर द्वारा रोज मानिटरिंग की जाएगी। जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर लिब्री आफिसर की भूमिका निभाएंगे। खाना चखने के बाद मरीजों को दिया जाएगा। कैटरिन संचालक द्वारा लाए गए सामग्रियों की मॉनिटरिंग भी लिब्री आफिसर द्वारा की जाएगी।

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