उत्तरायण हुए सूर्यदेव…….फिर भी जनवरी में नही गूंजेगी शहनाई…..फरवरी से दिसम्बर तक विवाह के 63 मुहूर्त

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बैकुंठपुर।

खरमास की समाप्ति के बाद भी शुभ कार्य शुरु नही हो रहे हैं। धर्म के जानकारो की माने तो इस बार शुक्र ग्रह लगभग 53 दिनों तक अस्त रहेंगे और 1 फरवरी को पुनः उदय होंगे। ऐसे में इस वर्ष 4 फरवरी 2026 से शुभ मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हटेगी। हिंदू धर्म में समय की शुद्धता और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का विशेष महत्व माना गया है। कोई भी मांगलिक या शुभ कार्य; जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत आदि शुभ मुहूर्त देखकर ही संपन्न किए जाते हैं। इन्हीं नियमों के अंतर्गत एक विशेष काल आता है, जिसे खरमास कहा जाता है। यह अवधि साधना और आत्मचिंतन के लिए उपयुक्त मानी जाती है, जबकि मांगलिक कार्यों के लिए इसे वर्जित माना गया है।

मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव उत्तरायण होते हैं और इसके साथ ही खरमास समाप्त माना जाता है। उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा गया है, इसलिए इसे अत्यंत शुभ काल माना जाता है। लेकिन इस वर्ष स्थिति कुछ भिन्न है। इस बार शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण मकर संक्रांति के बाद भी विवाह और अन्य मांगलिक कार्य आरंभ नहीं हो पाएंगे। ज्योतिष के अनुसार, शुक्र ग्रह 11 दिसंबर 2025 को अस्त हो चुके हैं। शुक्र को प्रेम, वैवाहिक सुख, ऐश्वर्य और दांपत्य जीवन का प्रमुख कारक ग्रह माना जाता है। जब शुक्र अस्त होते हैं, तब विवाह जैसे संस्कार शुभ फल नहीं देते। इसी कारण इस वर्ष भले ही सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे, लेकिन शुक्र के अस्त रहने से मांगलिक कार्यों पर रोक बनी रहेगी।

फरवरी से दिसम्बर तक विवाह के हैं 63 मुहूर्त

मकर संक्रांति पर्व बृहस्पतिवार 15 जनवरी को मनाया जा रहा है। मांगलिक कार्य इस दिन से शुरू हो जाएंगे, लेकिन शहनाई दो फरवरी से बजेगी। व्यापारी खरमास समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं। इस साल फरवरी से दिसंबर तक विवाह के 63 मुहूर्त हैं। लोग गंगा स्नान करते हैं। 15 जनवरी से मुंडन, गृहप्रवेश, विद्यारंभ, अन्नप्राशन आदि मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। शादी कार्यक्रमों के लिए बैंक्वेट हाल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला आदि का चयन पहली प्राथमिकता रहती है। वर व वधू पक्ष के लोग भव्यता के साथ आयोजन के लिए नजदीकी बैंक्वेट हाल को बुक करना पसंद करते हैं। इस बार दो फरवरी से 22 फरवरी तक का शादियों का मुहूर्त है। ऐसे में सहालग को लेकर इन दिनों शहर में बैंक्वेट हाल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं की बुकिंग शुरू कर दी गई हैं।

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