हादसो का पर्याय बन चुकी धुनहर नाले पर पुल देगी आसान सुरक्षित सफर और विकास को गति-भईयालाल राजवाडे
विधायक के प्रयास केे बाद प्रदेश सरकार ने बीते वर्ष 6 करोड से उच्चस्तरीय पुल निर्माण का दिया था स्वीकृति
बैकुंठपुर।
बैकुंठपुर से बिलासपुर मार्ग पर 5 दशको तक हादसो का पर्याय रही धनुहर नाला पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण की घोषणा के 10 महिने बाद पुल निर्माण ने गति पकड ली है। जिसे आगामी कुछ महिनो में पूरा कर लिया जायेगा। बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाड़े की विशेष पहल और प्रयासों से इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी मिली है। छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने इस पुल के लिए 609.31 लाख रुपये (6 करोड़ 9 लाख रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दिया था।
रायपुर से चिकित्सा के दो महिने बाद अपने क्षेत्र में पहुॅचे पूर्वमंत्री व बैकुंठपुर विधायक भइया लाल राजवाडे ने पुल निर्माण पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि धनुहर नाला पर संकरी पुल होने के कारण लोगों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। भारी वाहनों का आवाजाही होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी होती थीं। जलभराव और अव्यवस्थित मार्ग के चलते आए दिन दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता था। अब इस पुल के निर्माण से क्षेत्रवासियों, वाहन चालकों को राहत मिलेगी और बैकुंठपुर-बिलासपुर मार्ग पर यातायात सुगम होगा। जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा पुल के लिए तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद दैनिक प्रगति रिपोर्ट बनाया गया। जिसके बाद निविदा प्रक्रिया की गई। इस परियोजना को जवाहर सेतु योजना के तहत क्रियान्वित किया जा रहा है। क्षेत्रीय विकास को लेकर हमारी भाजपा की सरकार की गंभीरता इस निर्माण से साफ नजर आ रही है कि कांग्रेस सरकार में इस पुल के निमार्ण की घोषणा भर की गई थी निर्माण नही कराया गया। जबकि हमारी सरकार ने बता दिया कि घोषणा के 10 महिने बाद 35 से 40 प्रतिशत कार्य भी पूरा किया जा सकता है। श्री राजवाड़े ने कहा कि यह पुल क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे पूरा किया गया है यह बैकुंठपुर और बिलासपुर के बीच यातायात व्यवस्था को और बेहतर और आसान बनाएगा।



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