बैकुण्ठपुर में रेलवे टिकट दलाली का बड़ा नेटवर्क उजागर, अब साईं बाबा बस के ड्राइवर की भी गिरफ्तारी
बैकुण्ठपुर।
रेलवे सुरक्षा बल की जांच में बैकुण्ठपुर सिटी पीआरएस काउंटर से तत्काल एवं सामान्य आरक्षित रेलवे टिकटों की कथित अवैध खरीद-बिक्री के मामले में अब नेटवर्क के तार और फैलते नजर आ रहे हैं। मामले में नगर पालिका बैकुण्ठपुर में कार्यरत संविदा कर्मचारी अविनाश कुमार और उत्तर प्रदेश निवासी संजय कुमार विश्वकर्मा की गिरफ्तारी के बाद अब साईं बाबा बस के ड्राइवर को भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि बैकुण्ठपुर से तैयार किए जाने वाले टिकट बस के माध्यम से बनारस भेजे जाते थे।

मामले में जांच के दौरान दोनों आरोपियों के मोबाइल और कब्जे से 60 रेलवे आरक्षित टिकटों से संबंधित स्क्रीनशॉट बरामद किए गए हैं। इन टिकटों की कुल कीमत 3 लाख 68 हजार 351 रुपये बताई गई है। बरामद टिकटों में तत्काल एवं सामान्य आरक्षित टिकट शामिल हैं। जांच के दौरान 14 खाली टिकटों पर हाथ से लिखे गए पीएनआर नंबर एवं अन्य विवरण भी मिले हैं। बताया गया कि मामले की शुरुआत 1 अगस्त 2026 को हुई थी। बैकुण्ठपुर सिटी पीआरएस काउंटर से खाली टिकट पर हाथ से पीएनआर नंबर एवं अन्य जानकारी लिखकर टिकट जारी किए जाने के बाद यह टिकट इलाहाबाद जंक्शन पहुंचा। जांच के दौरान संबंधित पीएनआर नंबर गलत पाया गया। इसके बाद मामले की जांच आगे बढ़ी और 5 अगस्त 2026 को जीआरपी जौनपुर में बीएनएस की धारा 318(4) एवं 319(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में बैकुण्ठपुर पीआरएस से जुड़े संविदा कर्मचारी अविनाश कुमार की भूमिका सामने आने का दावा किया गया। बताया गया कि वह खाली टिकटों पर हाथ से आवश्यक जानकारी भरकर टिकट तैयार करता था। इसके बाद टिकटों को बस के माध्यम से उत्तर प्रदेश भेजा जाता था। जांच में सामने आया कि इन टिकटों को बनारस भेजने के लिए बस का इस्तेमाल किया जाता था। इसी कड़ी में अब साईं बाबा बस के ड्राइवर को भी पकड़े जाने की बात सामने आई है, जिससे पूरे मामले में परिवहन के माध्यम से चल रहे कथित नेटवर्क की भूमिका की जांच तेज हो गई है। आरपीएफ की मोबाइल जांच में व्हाट्सऐप चैट के दौरान 60 तत्काल एवं सामान्य रेलवे आरक्षित टिकटों की जानकारी मिली। पूछताछ में अविनाश कुमार द्वारा काउंटर से टिकट तैयार करने तथा 14 टिकट हाथ से लिखकर संजय कुमार को देने की बात स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई है। मोबाइल से मिले टिकटों के स्क्रीनशॉट के आधार पर इनकी कुल कीमत 3,68,351 रुपये आंकी गई।
जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर अविनाश कुमार को टिकट तैयार करने के बदले प्रति टिकट 400 रुपये कमीशन मिलता था, जबकि संजय कुमार टिकट प्राप्त कर अलग-अलग ग्राहकों को बेचता था और प्रत्येक टिकट पर 600 से 800 रुपये तक अतिरिक्त लाभ कमाने की बात सामने आई है।
रेलवे सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत अपराध क्रमांक 727/26, दिनांक 16 अगस्त 2026 दर्ज कर कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बाद में न्यायालय के निर्देशानुसार जमानत का लाभ दिए जाने की जानकारी है। अब साईं बाबा बस के ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बैकुण्ठपुर से बनारस तक टिकटों के परिवहन में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इस कथित दलाली नेटवर्क का संचालन कितने समय से किया जा रहा था। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।



+ There are no comments
Add yours