लोगो से मिले प्यार और सम्मान का हर मतलब राजनिति नही – प्रभाकर सिंह

Estimated read time 1 min read

BAIKUNTHPUR   @  Tahkikat News ### ASHOK SINGH 

जो शोर मचाते हैं भीड़ में…….
भीड़ बनकर ही रह जाते हैं…….
वही पाते हैं जिंदगी में कामयाबी…….
जो खामोशी से अपना काम कर जाते हैं।।

कोई जरूरी नहीं है कि लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाने के लिए किसी बड़े पद की जरूरत ही हो। कई अपने मधुर स्वभाव से लोगो के दिलों में अपनी खास जगह बना सकते हैं । किसी भी राजनीतिक पद या कोई बड़ा अधिकारी ना होने के बावजूद भी गत दिवस प्रभाकर सिंह के समर्थकों के द्वारा बैकुंठपुर के विभिन्न क्षेत्रो एवं पटना सहित दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों में उनके समर्थकों के द्वारा कार्यक्रम आयोजन कर उनका जन्मदिन मनाया गया । हालांकि इस संबंध में प्रभाकर सिंह ने किसी भी तरह के राजनीतिक कारणों से होना से इनकार करते हुए कहा कि यह मुझे अपना मानने वालों के द्वारा किया गया आयोजन था ।

जिसमें उन्होंने जिस आत्मीयता से मुझे आमंत्रित किया था उसके लिए मैं सभी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करता हूं । दूसरी ओर शहर भर में जिस तरीके से उनके समर्थकों के द्वारा जन्मदिन पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । उसे देखते हुए तरह-तरह की चर्चा का बाजार गर्म है । कोई इसे पॉलिटिक्स जोड़ रहा है तो कोई इसे कई और कारणों से । हालांकि इस तरीके के किसी भी अफवाह का प्रभाकर सिंह ने खंडन किया । जिस लोगप्रियता को पाने के लिए बड़े-बड़े दिग्गज नेता तरसते रहते हैं वह एक गैरराजनीतिक व्यक्ति को मिलने से दोनों ही प्रमुख दलों के नेता इसे हजम नहीं पा रही हैं । जबकि आगामी विधानसभा के मद्देनजर इसे दोनों ही राजनीतिक दल अपने और भुनाने पक्ष में करने का पूरा प्रयास करेंगे।


बताया गया कि ऑटो संघ, पत्रकार संघ ग्राम पंचायत कंचनपुर चौक, भखार चौक, सूरमी चौक, कंचनपुर, कुड़ेली, पटना, छिंदिया, पतरापाली, जामपारा गढ़ेलपारा सहित अन्य जगह में आज सहकारी समिति छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष प्रभाकर सिंह राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी संभागीय अध्यक्ष का जन्म दिवस केक, पटाखा व फूल माला सतकार पहनाकर किया गया। इस अवसर पर दिलभरू राजवाड़े, राजू भगत, भगवान, पारस राजवाड़े, इंद्रदेव पांडे, गोलू सिंह, रोहित यादव, भगत गुरुजी, भारत यादव, रविंद्र, कमल कांत, युवक सिंह, आशीष जायसवाल, आशीष सोनी, अखिलेश गुप्ता, राजेश शुक्ला, भीकू महाराज, बिहारी रजवाड़े आदि मौजूद रहे।

as

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours