जिले के धान खरीदी केंद्रों में सूखत के नाम से एक्स्ट्रा खरीदी कर किसानों की जेब में डाका डालने का खेल शुरू हो चुका है। इस पर संज्ञान लेते हुए भाजपा किसान मोर्चा कार्य समिति सदस्य रेवा यादव ने किसानो को समझाईस देते हुए कहा कि शासन के नियम के अनुसार एक बारदाने में 40 किलो धान भरा जा सकता है। उसमें बारदाने के वजन के बदले 680 ग्राम ज्यादा धान भरने की छूट है। इस छूट की आड़ में कुछ समिति वाले 800 ग्राम से एक किलो ग्राम तक एक्स्ट्रा धान भर रहे हैं।
उन्होने धान खरीदी प्रभारियो के द्धारा गलत किये जाने को लेकर कहा कि इनसे जब किसान आपत्ति करते हैं तो कह दिया जाता है कि परिवहन समय पर नहीं होने से धान फड़ में पड़े रहने से सूखता है। जिसके बाद एक बोरे का वजन 40 किलो से कम हो जाता है। समिति को होने वाले इस नुकसान के बदले किसानो का धान ज्यादा लेकर शार्टेज की समस्या दूर कर ली जाती है। जिले के सोसायटियों में दो साल से शार्टेज की समस्या नहीं आई है। इसका भी एक बड़ा कारण यह है कि किसानो का धान तौल के समय एक्स्ट्रा लिया जा रहा है।
रोजाना लाखों रुपए का घालमेल
जिले में खरीदी केंद्रो में प्रतिदिन लाखो का घालमेल हो रहा है। सूखत की आड़ में किसानों के धान से समिति वाले अपने नुकसान की भरपाई कर लेते हैं। केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक काटा नहीं होने का भी फायदा उठाया जाता है।
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