भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य व गौपालक रेवा यादव ने कोरिया जिले में पशुओं के टीकाकरण न होने को लेकर विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होने कहा कि विभिन्न बीमारियों की चपेट में पड़े सैकड़ों पशु को उचित इलाज की मांग करने के बावजूद जब पशुपालन विभाग की टीम ने इसे हल्के में लिया है। वे कोरिया कलेक्टर से टिकाकरण नही होने पर कार्रवाई की मांग की है।
रेेवा यादव ने कहा कि जिले भर में सैकड़ों पशुपालक पशुओं की बीमारी को लेकर परेशान हैं। खासकर खुरहा रोग से पशु के पीड़ित होने से कई पशु मौत के मुंह में समा चुके हैं तो कई खाना-पीना छोड़ दिया है। दर्जनों ऐसे किसान हैं जो अपने पशुओं पर ही निर्भर हैं। जिनका चूल्हा-चौकी पशुओं पर आश्रित हैं। उनके घरों का चूल्हा बंद है। दुधारु जानवर खुरहा रोग के बाद खाना-पीना बंद कर देते हैं। परिणामस्वरुप उनका दूध सूख जाता है। दूध सुखने के साथ ही किसानों के आमदनी का श्रोत सूख जाता है।
उन्होने कहा कि पशु पालकों की चिंता न तो जिला प्रशासन को है और न तो पशु विभाग को। किसान मदद के लिए परेशान हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर पशु चिकित्सकों की टीम भेजकर जानवरों के समुचित इलाज की मांग की है। उन्होने बताया कि उनके गाव सहित आसपास के कई गांव में बीमारी से दर्जन भर से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। अभी भी कई पशु बीमारी से जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहे है। विभागीय चिकित्सकों को सूचना देने के बाद भी चुप्पी साधे हुए है।

शासन के आदेश की अनदेखी
विगत एक माह से पशुओं में खुरपका, मुंहपका रोग से दर्जनों पशु बीमार चल रहे थे। जिसमें पशु चिकित्सकों के लापरवाही से मौत हो चुकी है। अभी भी एक दर्जन से अधिक पशु रोग से बीमार चल रहे हैं। कई बार सूचना देने के बाद भी टीकाकरण न करने से उन्होने विभाग को चेतावनी दिया। शासन ने मानसून पूर्व ही पशुपालन विभाग से पशुओं को रोग से बचाव के लिए संघन टीकाकरण अभियान चलाया जाने को निर्देश दिया था। किन्तु कोरिया पशु विभाग के अधिकारियो की लापरवाही पशुपालको पर भारी पड रहा है। उन्होने कहा कि टीकाकरण से पशुओं में प्रतिरक्षा उत्पन्न होने में दो से तीन सप्ताह का समय लग जाता है। ऐसे में मानसून आने से पूर्व टीकाकरण करवाना था ।

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