रायपुर के भीम राव अम्बेडकर अस्पताल ने ईलाज के लिए मांगा था 3 लाख 80 हजार
एक ओर देश एवं प्रदेश की सरकार भारत के हर नागरिक को स्मार्ट कार्ड के द्वारा मुक्त इलाज देने का हर प्रयास करती है वही पर इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आती है । एैसे ही एक मामले में कोरिया जिले के एक व्यक्ति को पैसे के अभाव में इलाज नहीं मिला जिससे गरीब व्यक्ति अंततः बैकुंठपुर चेर ग्राम के हड्डियों का इलाज के लिए मशहूर मशहूर वैधराज राम प्रसाद राजवाडे और आयुर्वेद में एमडी उनके पुत्र डॉ. सोनू राजवाडे के द्वारा विगत तीन महिनो से किया जा रहा है। ईलाज से मिले लाभ के कारण जहां पर युवक आज अपने बल पर चलने फिरने के काबिल हो गया ।
24 वर्षीय युवक विजय ने बताया कि वह चरचा विवेकानंद कॉलोनी का रहने वाल है और 08 अप्रैल को एक्सिडेंट चरचा के पण्डोपारा में बाइक अन्यत्रित होकर बाइक खेत में गिरने के कारण हुआ था जिससे उसकी कमर का हडड़ी और गर्दन का हडड़ी एवं दाहिने ओर का कंधा भी फेक्चर हो गया था। जिसे जिला अस्पताल बैकुंठपुर से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रिफर किया गया। जहा से उसे रायपुर के भीम राव अम्बेडकर अस्पताल रिफर कर दिया गया।
रायपुर के अस्पताल में उसके परिजनो से ईलाज के लिए 3 लाख 80 हजार मांगा गया और ठिक होने की गारंटी नही बोला गया। पैसा देने में असमर्थ विजय के परिजन उसे रायपुर से वापस ले आये। जिसके बाद उसके परिजनो द्धारा उसे बैकुठपुर में वैधराज के पास ले जाया गया। जहा तीन महिने में उसे मात्र 1500 के खर्च पर आज चलने फिरने के काबिल हो गया है।


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