कांकेर में हिंसा और कथित धर्म परिवर्तन की घटनाओं के विरोध में बंद रहा कोरिया

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बैकुंठपुर।

कांकेर जिले के अमाबेड़ा क्षेत्र में हुई हिंसा और कथित धर्म परिवर्तन की घटनाओं के विरोध में बुद्धवार कई सामाजिक संगठनों ने छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है। बंद का असर सुबह से ही जिले के कई हिस्सों में देखने को मिला। बैकुंठपुर की सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल दिखाई दी। सुबह 9 बजे बैकुंठपुर में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता, छत्तीसगढ़ चौंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर बंद को शांतिपूर्ण तरीके से लागू कराते नजर आए। वे व्यापारियों से अपनी दुकानें बंद रखने की अपील करते दिखे। अन्य जिलों में भी इसी तरह संगठनों ने बंद का समर्थन सुनिश्चित किया।

इस बंद को छत्तीसगढ़ चौंबर ऑफ कॉमर्स सहित राज्य के कई व्यापारिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है। संगठनों का कहना है कि अमाबेड़ा की घटना गंभीर है और इस पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर यह बंद बुलाया गया है। बताया गया कि छत्तीसगढ़ में सर्व समाज द्वारा कांकेर और कवर्धा की घटनाओं के विरोध में बंद बुलाया गया है, जिसका असर प्रदेश समेत जिले के कई हिस्सों में दिख रहा है, जिसमें बाजार, दुकानें, और निजी संस्थान बंद हैं, हालांकि शहर में इसका मिलाजुला असर ही कहा जायेगा।

कांकेर और कवर्धा की घटनाएं बंद की प्रमुख वजह

कांकेर के आमाबेड़ा और कवर्धा में हुई घटनाओं, जिनमें सामाजिक तनाव और कथित भेदभावपूर्ण कार्रवाई के विरोध में यह बंद बुलाया गया था। प्रदेश में बढ़ रही सामाजिक अशांति और जनजातीय आस्था पर आघात के विरोध में भी यह आह्वान किया गया है। सर्व समाज का बंद को पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहा।

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