तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
शिवमंदिर प्रेमाबाग में हुआ विशेष पूजा
गुरुवार को महाशिवरात्रि पर बैकुन्ठपुर के विभिन्न शिवालयों में पर्व को लेकर अभिषेक के साथ विशेष पूजन पाठ किया गया। वहीं शिव मंदिर प्रेमबाग में महाआरती के बाद विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। महाशिवरात्रि पर बैकुन्ठपुर के विभिन्न शिवालयों में पर्व को लेकर विशेष तैयारी की गई थी। प्रशासन ने भी महाशिवरात्री पर शिवालयो पर उमडने वाली भीड को लेकर चिन्हत स्थानो पर सुरक्षा के प्रबंध पहले से ही कर लिये थे। सभी शिवालयों में शिवरात्रि पर अभिषेक के साथ विशेष पूजन पाठ किया गया। गौ रक्षा वाहिनि के जिलाध्यक्ष अनुराग दुबे ने कहा कि हमने भगवान भोले नाथ से कोरोना मुक्त समाज का आर्षिवाद मांगा है। जबकि हिन्दू धर्म के लोगो की मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर जलाभिषेक व दर्शन करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली कठिनाइयों से छुटकारा मिलता है। शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि प्रातःकाल से ही पंचामृत से अभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया, जोकि आधी रात तक चला।
दिनभर श्रद्धालु बेलपत्र, धतूरा फल, नारियल शिवलिंग पर अर्पित करतें रहें और भोलेनाथ से मनोकामनाऐ मांगते रहें। इस दौरान शिव भक्तो में सभी शिवालयोे में रात्रि में भजन-कीर्तन व प्रसाद भण्डारे का वितरण होता रहा। सबसे अधिक भीड बैकुन्ठपुर के प्रेमाबाग मंदिर एवं जमगहना के शिवमंदिर में देखने को मिला। जहा सुबह से देर शाम तक मदिंर में भक्तो का तांता लगा रहा। शहर के सबसे पुराने और प्रतिष्ठत शिवमंदिर प्रेमाबाग में ब्रह्म मुहूर्त में महादेव की विशेष पूजा-अर्चना की गई। दिनभर श्रद्धालु जलाभिषेक किया और शाम को शिवलिंग का फूल, नारियल, बेलपत्तों से विशेष श्रृंगार किया गया। शाम को भक्तों को ठंडाई का प्रसाद वितरित किया ।
महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया इस पर्व को लेकर भक्ति से सराबोर शिवभक्तों में काफी उत्साह देखा गया। शिव भक्त ने स्नान आदि कर शिव जी का जलाभिषेक किया, महाशिवरात्रि का पर्व शिव और शक्ति के मिलन का पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज के ही दिन भगवान शंकर और माता पार्वतीजी का विवाह हुआ था। इस कारण शिव भक्त बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। सुबह से ही शिव मंदिर में भक्तों विशेषकर महिलाओ और नवयुवतियो की लंबी-लंबी कतारें जल चढाने के लिए देखी गई।
प्रेमाबाग शिव मंदिर में शिवरात्रि के पर्व पर विशेष पूजे का आयोजन पूरे शास्त्राथ विधि विधान से किया गया । मंदिरो के पुजारी के अनुसार भगवान शिव पर धतूरा पुष्प, बेलपत्र, श्वेत वस्त्रों और पुष्प की पंखुड़ियों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। महाशिवरात्रि की अर्धरात्रि में विशेष पूजा विधि विधान से किया गया। जिसमें पहले प्रहर में दूध से, द्वितीय प्रहर में गन्ने के रस से, तृतीय प्रहर में गिलोय से तथा चतुर्थ प्रहर में गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक किया गया।
इन स्थानों पर रहा मेला
महाशिवरात्रि पर नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी लोग भारी संख्या में निकले और विभिन्न स्थानों पर शिवालयो पर रूद्राभिषेक, पूजन, भजन, भण्डारा आदि आयोजन हुए। महाशिवरात्री के दिन शिव-मंदिर प्रेमाबाग, रमदईया धाम, एसईसीएल शिव मंदिर, झुमका शिव-मंदिर, जमगहना शिवालय, कटगोडी घाट शिव-मंदिर के अलावा अन्य कई क्षेत्रो में मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें भारी संख्या में शिवभक्त अपने अराध्य के दर्शन कर अपनी मनोकामनाये मांगी।
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