अभी भी सडक एनएच के पास, नही किया पीडब्लूडी को हेंडओवर
जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में सड़क चौड़ीकरण अब दिवास्वप्न के तरह नजर आने लगा है अब सड़क चौड़ीकरण की मांग ठंडे बस्ते में जाति नजर आ रही है। बीते 2 वर्षों से शहर के युवाओं के द्वारा लगातार अभियान चलाकर जिला प्रशासन सहित सत्तारूढ़ दल के सभी शीर्ष नेताओं के समक्ष कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर की सड़क चौड़ीकरण की मांग रखी गई । जिस पर शहर वासियों को आश्वासन के अतिरिक्त आज तक कोई भी ठोस परिणाम नहीं मिला । हालांकि इस दौरान बैकुंठपुर से गुजरने वाली मुख्य सड़क जोकि खरवत से जमगहना तक जाती है जिस पर डामरीकरण कराया गया है । जिसके बाद यह सडक को पीडब्लूडी विभाग को हंेडओवर करना था।
वर्षो से पडे इस खस्ताहाल पड़े मुख्य सड़क पर गत वर्ष एनएच 43 के ठेका कंपनी के द्वारा सड़क जितनी थी उतनी ही चौड़ी बना दी गई। उसके बाद जिला प्रशासन की ओर से शहर में र्चचा का दौर चला कि पहले एनएच सडक का निर्माण करेगा फिर उसके बाद जिला प्रशासन की ओर से सडक चौडीकरण कराया जायेगा। शहर में फैली यह र्चचा सिर्फ अफवाह ही साबित हुई। दुर्भाग्य कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर का है कि जिला बनने सेे 2 दशक से अधिक हो गया किंतु जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के लोगों की मांग पूरी नही हो पा रही है। इस सबंध में पीडब्लूडी विभाग के एसडीओ एस एन मिश्रा क कहना है कि अभी भी सडक एनएच के पास है। हमे हेंडओवर नही किया गया है।
काश कलेक्टर संदीपन होते
गौरतलब हो कि लगभग डेढ वर्ष की पहले की बात है उस समय के तत्कालीन कलेक्टर भोस्कर विलास संदीपन ने बैकुंठपुर शहर में खरवत से लेकर जनगहना तक सड़क चौड़ीकरण का खांका खींच दिया था। इस दौरान उन्होंने सर्वे का कार्य भी पूरा करा लिया गया था किंतु इसी दौरान सत्तारूढ़ दल के नाराज जिम्मेदारों ने उनका तबादला ही करा दिया। उसके बाद सड़क चौड़ीकरण एक बार फिर ठंडे बस्ते में चली गई । उनको याद करते शहरवासी आज भी कहते हैं कि काश संदीपन कलेक्टर होते तो बैकुन्ठपुर की हालत कुछ और होती।
3 दशक का इंतजार कम है क्या
3 दशक से सडक चौडीकरण का प्रतिक्षा कर रहे बैकुन्ठपुर के लोगो का इंतजार अब और लंबा होता नजर आ रहा है। गौरतलब हो कि बैकुंठपुर के खरवत शहर होते हुए जमगहना तक कुल 14 किलोमीटर की सड़क विगत 4 वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़ी हुई थी अब मरम्त हो गई है परन्तु शकरी सडक के कारण आज भी समस्या से निजात नही मिल पाया है। इसके बावजूद भी किसी जिम्मेदार चौडीकरण में रुची नही लेना समझ से परे नजर आ रहा है।
आज भी जाम से लोग परेशान
शहर रोज जाम की समस्या से जूझ रहा है। जिससे लोग परेशान है। फिर भी यातायात की व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो सकी है। प्रशासन भी मौन साधे बैठा है। एनएच 43 पर प्रतिदिन घंटो जैसे हालात बने रहेत हैं। बैकुन्ठपुर में जाम की समस्या फैव्वारा चौक से लेकर स्कूलपारा तक लगातार बना रहता है।
अतिक्रमण ने बढाई समस्या
शहर में सड़क जाम की समस्या का सबसे बड़ा कारण सड़क पर दोनों तरफ अतिक्रमण कर लगने वाली दुकान है। इन दुकानों को सुबह के 9 बजे से ही सड़क के दोनों किनारे सजा दी जाती है। ऐसे में शहर की सड़कें संकीर्ण बन जाती है। शहर में वन वे ट्रैफिक नहीं है। जिसके कारण एक ही दिशा से वाहनों का आना व जान लगा रहता है। जबकि उधर से लौटने वाली वाहन भी इसी मार्ग से आती है। ऐसे में सड़क जाम की समस्या होना स्वभाविक है। शहर में सड़क जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
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