कलेक्टर सहित जिले के अधिकारी खेतों में पहुँचकर की गिरदावरी की जांच……

…….जिले में अवैध धान की रोकथाम के लिए विशेष जांच दल गठित

…….14 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर होगी धान खरीदी

कलेक्टर सहित जिले के अधिकारी खेतों में पहुँचकर की गिरदावरी की जांच

हाइलाइटस………

……जिले में अवैध धान की रोकथाम के लिए विशेष जांच दल गठित

…….14 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर होगी धान खरीदी

बैकुंठपुर।

जिले में फसल गिरदावरी काम जारी है। कलेक्टर कोरिया चन्दन त्रिपाठी सहित जिले के अन्य अधिकारियों ने फसल गिरदावरी के कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। कलेक्टर कोरिया शनिवार को सोनहत तहसील के ग्राम कछार, बोडार, मधला एवं विक्रमपुर के खेतों में पहुंचकर ऑनलाइन गिरदावरी सत्यापन किया। पटवारी द्वारा संधारित अभिलेखों का मौके पर क्रॉस जांच की। कलेक्टर ने गिरदावरी कार्य को विशेष सावधानी व त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए हैं।

जिले में पटवारियों ने गिरदावरी कर भुइयां सॉफ्टवेयर में अपलोड की। इसके बाद पटवारी द्वारा संपादित गिरदावरी कामों के भौतिक सत्यापन के लिए तहसील स्तरीय गिरदावरी सत्यापन दल तैयार कर एप के माध्यम से सत्यापन करने आईडी और पासवर्ड दिया। जिले के सभी तहसील स्तर पर बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों का दल नियुक्त हैं।

जिले के कुल खसरों में से अधिकांश का सत्यापन दल द्वारा रेंडमली सत्यापन कर लिया गया है। तहसील स्तरीय सत्यापन दल द्वारा सत्यापित खसरों में 5 प्रतिशत खसरों का दोबारा जिला स्तरीय गिरदावरी सत्यापन दल द्वारा ऑनलाइन एप के माध्यम से सत्यापन करने अधिकारियों का चयन कर आईडी, पासवर्ड दिया गया है। जिलास्तरीय सत्यापन दल के अधिकारियों ने हल्का पटवारी व उसके द्वारा संधारित राजस्व अभिलेखों में दर्ज खसरा प्रविष्टि की जांच की गई।

गिरदावरी क्या है और यह क्यों जरुरी है?

किसान द्वारा अपने खेत के कितने रकबे में कौन-कौन सी फसल की बुआई की गई है। यह जानकारी पटवारी द्वारा शासन के डॉक्यूमेंट में दर्ज करवाई जाती हैं। इसी डॉक्यूमेंट को गिरदावरी कहा जाता हैं। गिरदावरी एक ऐसा डॉक्यूमेंट है, जिसके अंदर जमीन का पूरा रिकॉर्ड मौजूद होता है जैसे, कितनी जमीन पर खेती की गई है, खेत में कौन सी फसल बोई और बोने में सिंचाई कैसे की गयी है, खसरा संख्या आदि जानकारी शामिल होती है।

हर जमीन की गिरदावरी हर साल पटवारी के पास होती है। इस दौरान पटवारी देखता है कि किस किसान द्वारा कौन-कौन सी फसल कि बुआई कितने एकड़, हेक्टेयर जमीन में की गई है। शासन अब गिरदावरी रिपोर्ट को एप या पोर्टल पर दर्ज करने का काम तेजी से कर रहा है।

जिले में अवैध धान की रोकथाम के लिए विशेष जांच दल गठित

14 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर होगी धान खरीदी

छत्तीसगढ़ शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संस्क्षण विभाग के आदेशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन अवधि के दौरान धान खरीदी केन्द्रों में अवांछित व्यक्तियों द्वारा अन्य सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान लाकर जिले के धान खरीदी केन्द्रों में खपाने के प्रयास किये जाने से धान खरीदी व्यवस्था पर विपरित प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है।

इसके अतिरिक्त गांव, शहरी इलाकों में कोचियों, बिचौलियों के द्वारा चिल्हर रूप से धान की खरीदी कर समिति में पंजीकृत किसान के धान के रकबे में बेचने का प्रयास किया जाता है। इन सबको मद्देनजर रखते हुए जिला कलेक्टर ने अवैध धान की आवक को रोकथाम एवं सघन जांच हेतु जिला स्तर पर विशेष जांच दल गठित किया है।

बैकुंठपुर तहसील के अंतर्गत दीपिका नेताम, अनुविभाग अधिकारी, अनिल भगत, जिला परिवहन अधिकारी, अमृता सिंह, तहसीलदार, अंजनी सिंह मंडी निरीक्षक समिति, शुभा गुप्ता, खाद्य निरीक्षक, के.एस. ध्रुव, सहकारिता निरीक्षक, राज नारायण सिंह, राम प्रकाश कुशवाहा उप वन क्षेत्रपाल होंगे।

सोनहत तहसील के अंतर्गत राकेश कुमार साहू, अनुविभाग अधिकारी सोनहत, अनिल भगत, जिला परिवहन अधिकारी, उमेश कुमार कुशवाहा, तहसीलदार, अंजनी सिंह, मंडी निरीक्षक समिति, शुभा गुप्ता, खाद्य निरीक्षक, आर. के. पटेल, सहकारिता निरीक्षक, पीताम्बर लाल राजवाडे, बेच राम वनरक्षक तथा पोडी-बचरा तहसील के अंतर्गत दीपिका नेताम, अनु.विभाग अधिकारी बैकुंठपुर, अनिल भगत, जिला परिवहन अधिकारी, ओ.पी. सिंह, तहसीलदार, अनिता खाद्य निरीक्षक, अंजनी सिंह, मंडी निरीक्षक, समिति, आर. एस.आर.भगत, सहकारिता निरीक्षक, बिजेन्द्र कुमार, खेलसाय पाडे वनरक्षक होंगे।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 14 नवम्बर 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक अन्य राज्यों से धान का आयात, संचालक, खाद्य नागरिक आपूर्ति की अनुमति से ही हो सकेगा। सुपर फाईन किस्म का धान जो 2800 रूपये प्रति क्विंटल से अधिक लागत का हो, के आयात के लिये संचालक, खाद्य की अनुमति लेना आवश्यक नहीं है। परन्तु आयातक को धान आयात करने की सूचना जिला खाद्य अधिकारी /खाद्य नियंत्रक को देना होगा। उक्त गठित विशेष जांच दल के द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण कर अन्य राज्यों से अवैध धान की आवक की निगरानी के साथ अनियमितता पाये जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

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