प्रदूषण मुक्त अरपा……..103 करोड़ की 4 एसटीपी…….ठेकेदारों की लापरवाही की जॉच करने पहुॅची…….छत्तीसगढ़ विधानसभा की शासकीय आश्वासन संबंधी समिति

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बिलासपुर की अरपा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए नगर निगम ने 103 करोड़ रुपए की नई योजना तैयार की है। तीन स्थानों पर 36 करोड़ की लागत से बन रहे चार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम डेडलाइन के बाद भी पूरा नहीं हुआ है। छत्तीसगढ़ विधानसभा की शासकीय आश्वासन संबंधी समिति के सभापति के रूप में जांच समिति के सदस्यों के साथ अरपा नदी के प्रदूषण, सीवरेज परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति तथा अवशिष्ट जल की निकासी से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर स्थल निरीक्षण किया।

इस निरीक्षण के दौरान रिवर व्यू, पचरी घाट, दोमुहानी देवरी खुर्द सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, राजकिशोर नगर स्थित पम्पिंग स्टेशन, सरकंडा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा कोनी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बैकुंठपुर विधायक भईयालाल राजवाडे, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह तथा रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू उपस्थित रहे।

समिति के सभापति विधायक भईयालाल राजवाडे ने बताया कि अरपा नदी का पानी प्रदूषित होने और सिवरेज परियोजना में गड़बड़ी को लेकर विधानसभा की शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति ने गुरुवार को बिलासपुर में स्थल निरीक्षण किया। वर्ष 2019, 2020 और 2022 में विधानसभा में इस मुद्दे पर प्रश्न उठाए गए थे। निरीक्षण के दौरान समिति को कई अनियमितताएं मिलीं, जिसके बाद सभापति ने जांच कराने की बात कही। सिवरेज परियोजना में हुई गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए समिति के सभापति बैकुंठपुर विधायक भईयालाल राजवाड़े, सदस्य बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक मोतीलाल साहू और विशेष आमंत्रित सदस्य बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक व तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने निरीक्षण किया।

टीम ने अरपा रिवरव्यू, देवरी खुर्द चेक डेम और राजकिशोर नगर स्थित सिवरेज पंपिंग स्टेशन का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अरपा नदी में गिर रहे शहर के गंदे पानी को देखकर सदस्यों ने नाराजगी जताई। बताया गया कि नदी में नाली का पानी रोकने के लिए सड़क के दोनों ओर नाला निर्माण होना था, जो अब तक नहीं हुआ।

समिति के सभापति भईयालाल राजवाड़े ने कहा कि सिवरेज परियोजना का कार्य अधूरा है और इसमें भारी गड़बड़ी की गई है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। इस मौके पर ही नगर निगम अधिकारियों से सवाल-जवाब कर जवाबदेही तय करने की बात कही।
वर्ष 2008 में शुरू हुई सिवरेज परियोजना आज भी अधूरी है। इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन शहरवासी लाभ से वंचित हैं।

समिति ने राजकिशोर नगर सिवरेज पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण कर पाया कि कई कार्य केवल कागजों पर पूरे दिखाए गए हैं। सुशांत शुक्ला ने अधिकारियों से जवाब मांगा तो आयुक्त अमित कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति संभाली, जिस पर विधायक ने व्यंग्य करते हुए कहा अगर आप न रहें तो कोई जवाब नहीं मिलेगा। निरीक्षण के दौरान समिति ने परियोजना में व्यापक गड़बड़ी पाई और निगम अधिकारियों से लिखित में जवाब मांगा गया। मौके पर पर्यावरण, पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभाग और नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे। समिति ने जल्द जांच रिपोर्ट पेश करने की बात कही।

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