रहें सावधान…..कल से नौतपा का होगा शुरू, छह दिन के बाद बन रहे हैं बारिश के आसार…..हिट वेव को लेकर जिले का स्वास्थ्य विभाग अर्लट, सएमएचओ व सीएस ने दिए निर्देश

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हिट वेव को लेकर जिले का स्वास्थ्य विभाग अर्लट, सएमएचओ व सीएस ने दिए निर्देश

बैकुंठपुर।

भीषण गर्मी से तप रहे लोगों को रविवार को जिले में सूरज के तेवर तल्ख रहे। तपिश और लू के थपेड़ों ने लोगों को परेशान किया। रविवार को यहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार से नौतपा शुरू हो रहा है, जिससे कम से कम अगले छह दिनों तक आसमान से आग बरसने और झुलसा देने वाली पछुआ हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार छह दिन बार बारिश से कुछ राहत मिलेगी।

मौसम विभाग के अनुसार, जिले में कोई भी सक्रिय मौसम तंत्र न होने से शुष्क और साफ मौसम के आसार हैं। जिले में आगामी एक सप्ताह के दौरान अधिकतर स्थानों पर लू का असर बढ़ेगा। कहीं-कहीं रातें भी गर्म होने की संभावना है। मौसम विज्ञानिको की माने तो आगामी तीन दिनों के लिए रेड अलर्ट और उसके बाद ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। इसके अलावा छह दिन बाद क्षेत्र में ज्यादातर जगहों पर हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है जिससे तापमान में गिरावट महसूस होगी।

जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने अपने मातहत विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। क्षेत्र में हीट वेव का प्रकोप देखा जा रहा है जिसे देखते हुए कोरिया स्वास्थ्य विभाग भीषण गर्मी और संभावित हीट वेव से निपटने के लिए अलर्ट हो गया है। उन्होने हीट-सम्बंधित बीमारियों की रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें मरीजों को निर्बाध इलाज, दवाइयां और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सभी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के लिए ड्यूटी रोस्टर का सख्ती से पालन अनिवायकरने को कहा है। ताकि किसी भी शिफ्ट में अस्पताल खाली न रहे। मरीजों को बाहर की महंगी दवाइयां न लिखनी पड़ें, इसके लिए अस्पताल के मेडिकल स्टोर में पर्याप्त जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों के वार्डों में पानी, बिजली, और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

बैकुंठपुर जिला अस्पताल के सीएस डॉ. आयुष जायसवाल ने कहा कि जिला अस्पताल में हीटस्ट्रोक में मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए कूलिंग सिस्टम, आइस पैक, ठंडे आईस फ्लूइड और पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। पहले ठंडा करें, फिर परिवहन करें प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, ओआरएस, इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य जरूरी दवाओं की 100 फीसदी उपलब्धता सुनिश्चित करा लिया गया है। उन्होने अपने एडवाइजरी में शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बाहरी कार्य करने वाले श्रमिकों लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और नियमित रूप से पानी पीने की सलाह दी गई है।

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